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क्वाड नेताओं की पहली बैठक: 'हिंद-प्रशांत क्षेत्र तय करेगा 21वीं सदी के विश्व का भविष्य'

Fri, 12 Mar 2021 11:14 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्वाड देशों के नेताओं की पहली बैठक - फोटो : एएनआई
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क्वाड देशों के नेताओं के पहले सम्मेलन की शुरुआत शुक्रवार की शाम को हो गई है। डिजिटल माध्यम से हो रहे इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन हिस्सा ले रहे हैं। 

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इस सम्मलेन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है। इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने इस क्षेत्र के महत्व को उल्लेखित करते हुए कहा कि 21वीं शताब्दी की दुनिया का भविष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र तय करेगा।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हमारा एजेंडा वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती तकनीक जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो कि क्वाड को वैश्विक बेहतरी के लिए एक अच्छी ताकत बनाता है। उन्होंने कहा कि क्वाड हमेशा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थायित्व का एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में रहेगा।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं भारत के प्राचीन दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम' के प्रसार के रूप में एक सकारात्मक विजन देखता हूं, जो पूरे विश्व को एक परिवार मानने की भावना पर आधारित है। हम सुरक्षित, स्थाई और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाने के लिए पहले से कहीं ज्यादा करीबी से काम करेंगे।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ जंग में हमने एक क्वाड भागीदारी की शुरुआत की है जो कोविड-19 वैक्सीनों कत पहुंच को सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों को वैक्सीन आसानी से मिल सके, इसके लिए  जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जाएगा। 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया का भविष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र तय करेगा। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के चार महान लोकतंत्रों के नेताओं के तौर पर हम अपनी भागीदारी को शांति, स्थायित्व और समृद्धता का प्रतीक बनाएं।

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका आपके साथ और अन्य सभी सहयोगियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।' बाइडन ने कहा कि यह समूह (क्वाड) खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समस्याओं के व्यावहारिक समाधान और ठोस परिणामों के लिए समर्पित है।

उधर, व्हाइट हाउस ने कहा है कि हम कोविड-19 के आर्थिक और स्वास्थ्य पर पड़े प्रभावों का जवाब देने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और साझा चुनौतियों का सामना करने की शपथ लेते हैं। इनमें साइबर स्पेस, जरूरी प्रौद्योगिकियां, आतंकवाद निरोध, गुणवत्तापूर्ण इनफ्रास्ट्रक्टर निवेश और मानवीय सहायता व आपदा राहत क्षेत्र शामिल हैं।

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