देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस ने अक्तूबर में कुल 3.70 करोड़ रुपये कमाए, जिसमें 70 लाख रुपये यानी करीब 20 प्रतिशत का मुनाफा हुआ। दिल्ली-लखनऊ के बीच 5 से 28 अक्तूबर के दौरान इस ट्रेन को 21 दिन चलाया गया। इस पर प्रति दिन 14 लाख रुपये लागत आई, वहीं 17.5 लाख रुपये की कमाई सवारियों से हुई।
भारतीय रेलवे कैटरिंग व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को प्राइवेट फर्म के साथ हफ्ते में छह दिन चलाने के लिए दी गई इस तेजस एक्सप्रेस के औसतन 80 से 85 प्रतिशत तक टिकट बिक गए। रेलवे के सूत्रों के अनुसार अक्तूबर में इस ट्रेन को चलाने में आईआरसीटीसी ने करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए।
रेलवे ने लखनऊ-दिल्ली मार्ग पर प्रयोग करते हुए पहली बार प्राइवेट फर्म के जरिए इस ट्रेन को पांच अक्तूबर से चलाना शुरू किया है। आईआरसीटीसी इस ट्रेन में सवारियों को कई तरह के भोजन के साथ साथ 25 लाख का बीमा और ट्रेन लेट होने पर मुआवजा लेने की सुविधा भी दे रहा है।
रेलवे का लक्ष्य 50 विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन विकसित करके 150 प्राइवेट सवारी गाड़ियां चलाना है। केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही सचिवों की विशेष टास्क फोर्स बनाकर इन कामों को तेजी देने की पहल की है। इस टास्क फोर्स की पहली बैठक अभी नहीं हुई है।