साल के पहले दिन मणिपुर बड़ी हिंसा हुई थी। इसके बाद दो जनवरी को मणिपुर पुलिस कमांडो और संदिग्ध कुकी आतंकवादियों के बीच तेग्नोपॉल जिले में ही भीषण फायरिंग हुई थी, जिसमें मणिपुर पुलिस कमांडो के चार और बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था।
हिंसाग्रस्त मणिपुर में एक बार फिर संदिग्ध कुकी आतंकवादियों और मणिपुर पुलिस कमांडो के बीच भारी गोलीबारी की खबर है। गोलीबारी के दौरान बम धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं। एक बम बीएसएफ के बंकर के खिड़की से टकराया, लेकिन इसमें विस्फोट नहीं हुआ। जानकारी के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। खबर लिखे जाने तक किसी के हताहत की खबर नहीं थी।
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सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम करीब 7.30 बजे मणिपुर के तेग्नोपॉल जिले के मोरेह कस्बे के पास कनान वेंग सामान्य क्षेत्र में संदिग्ध कुकी आतंकवादियों और मणिपुर पुलिस कमांडो के बीच गोलीबारी हुई। बताया गया है कि इस दौरान करीब 200 से 300 राउंड छोटे हथियारों और लगभग 30-35 बम विस्फोटों की आवाजें सुनाईं दी। गोलीबारी रात करीब 9.30 बजे बंद हुई। गौरतलब है कि तदर्थ एम एंड सी-1 के तहत बीएसएफ से लगभग 200 मीटर दूर है, जिसे ईस्टर्न शाइन स्कूल, मोरेह, तेंग्नोपॉल जिले में तैनात किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान टीपीएस ने भी करीब 21 राउंड फायरिंग की। जब गोलीबारी हो रही थी तभी एक बम बीएसएफ बैरक की खिड़की से टकराया लेकिन विस्फोट नहीं हुआ। इसके बाद टीपीएस को अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है।
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बता दें कि साल के पहले दिन मणिपुर बड़ी हिंसा हुई थी। इसके बाद दो जनवरी को मणिपुर पुलिस कमांडो और संदिग्ध कुकी आतंकवादियों के बीच तेग्नोपॉल जिले में ही भीषण फायरिंग हुई थी, जिसमें मणिपुर पुलिस कमांडो के चार और बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था। सीमा पार कुकी की जातीय समानता एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि उन्हें म्यांमार की ओर से नैतिक और सैन्य समर्थन मिल रहा है। इसमें हथियार, गोला-बारूद और यहां तक की कैडर भी शामिल हैं।