शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, पुलिस को मामला दर्ज कर जांच कर रही है। दो लोग भाग गए थे। उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। वे (बृहत बंगलुरू महानगर पालिका) कर्मचारी हैं। आग लगने के तुरंत बाद वे भाग गए, जबकि वे घटना के तुरंत बाद आग बुझा सकते थे क्योंकि वहां सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे। उन्होंने बताया कि जब तक वे सीढ़ियों से नीचे भागे, तब तक शीर्ष मंजिल पर मौजूद अन्य लोग फंस गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक साथ तीन जांच चल रही हैं, एक बीबीएमपी द्वारा विभागीय जांच, दूसरी पुलिस जांच और तीसरी विद्युत निरीक्षक द्वारा जांच। विद्युत निरीक्षक जांच करेंगे कि क्या आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।
उनके मुताबिक, गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला दस्तावेजों को संग्रहीत करने की जगह नहीं थी, लेकिन यहां यह किया गया था। इसके लिए किसे दोष दें? दुर्घटना पहले ही हो चुकी है। हमें घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराना होगा। हम इस प्रयोगशाला को कहीं और स्थानांतरित करेंगे। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस सरकार द्वारा कुछ दिन पहले 2019 से 2023 तक भाजपा शासन के दौरान बंगलुरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) में सभी कार्यों की न्यायिक जांच करने का आदेश दिया गया था। इसके अलावा सरकार ने आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में चार समितियों का गठन किया है।
शिवकुमार ने कहा कि जिस स्थान पर गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला काम कर रही थी, वह उचित नहीं था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व में जांच बंद करने के लिए फाइलों को जलाने के लिए आग लगने की घटनाएं हुई थीं। हालांकि, इस बार फाइलें सुरक्षित हैं। उन्हें प्रयोगशाला के बगल में एक कमरे में रखा गया था। उन्होंने कहा, 'अगले कमरे में फाइलें थीं, लेकिन सौभाग्य से उनमें से कोई भी फाइल जल नहीं पाई। हम अलर्ट पर हैं। जांच पूरी होने के बाद हम आपको विवरण बताएंगे।'
फाइलों की सुरक्षा के बारे में उन्होंने कहा कि इंतजाम कर लिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने शुक्रवार रात मुख्य आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जहां उन्होंने उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।