राज्यसभा में सोमवार को दिल्ली सेवा विधेयक पर चर्चा के दौरान इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए रखे गए प्रस्ताव पर आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रस्ताव पर पांच सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, जांच में आरोप सही पाए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, सुधांशु त्रिवेदी व नरहरि अमीन विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव को दे सकते हैं।
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आप से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चड्ढा का बचाव करते हुए दावा किया कि कोई भी सांसद प्रवर समिति के लिए नाम प्रस्तावित कर सकता है। इसके लिए हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। इस विषय को लेकर भाजपा झूठ और अफवाह फैला रही है।
निशिकांत की टिप्पणियों पर स्पीकर से मिले कांग्रेस नेता
वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणियों को रिकॉर्ड से नहीं हटाए जाने के मुद्दे पर स्पीकर ओम बिरला से मिले। इस मुद्दे पर सुबह लोकसभा की कार्यवाही तब स्थगित कर दी गई, जब विपक्षी सदस्य सोमवार की बहस के हटाए गए एक हिस्से को दोबारा रिकॉर्ड किए जाने का विरोध कर रहे थे। दुबे ने आरोप लगाया था कि 2005-14 के बीच, चीनी सरकार ने कांग्रेस को पैसे दिए हैं।