मैसूर के नजराबाद थाने में मुरुघा मठ के पुजारी समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस का कहना है कि छात्रावास के वार्डन, पुजारी समेत चार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
कर्नाटक के मुरुघा मठ के प्रमुख शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाईस्कूल की दो नाबालिक छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में पहले से जेल में बंद शिवमूर्ति शरणारू के खिलाफ अब मठ में कार्यरत कर्मचारी के बच्चों का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है।
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इस मामले में मैसूर के नजराबाद थाने में मुरुघा मठ के पुजारी समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस का कहना है कि छात्रावास के वार्डन, पुजारी समेत चार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं अन्य लोग फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
हाईस्कूल की छात्राओं ने की थी शिकायत
इससे पहले शिवमूर्ति शरणारू समेत पांच व्यक्तियों पर हाईस्कूल की दो छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी की शिकायत के आधार पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। नाबालिग लड़कियों ने पहले मैसूर के उक्त एनजीओ से संपर्क किया था और काउंसलिंग के दौरान अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी थी।
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मठ प्रमुख की एक सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
यौन शोषण के आरोप में मुरुघा मठ के मुख्य महंत शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू को एक सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन पर यौन उत्पीड़न के मामले में पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी की शिकायत के आधार पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जानकारी के मुताबिक, लड़कियों ने मैसूर स्थित एक गैर-सरकारी संगठन 'ओदानदी सेवा संस्थान' से संपर्क किया और काउंसलिंग के दौरान अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी। गिरफ्तारी के बाद से मठ के मुख्य महंत न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में उनकी हिरासत 21 अक्तूबर तक बढ़ाई गई है।