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महाराष्ट्र: संजय राउत के खिलाफ FIR दर्ज; मंत्री का दावा- उद्धव को सबक सिखाने के लिए था फडणवीस-अजित का गठबंधन

Sun, 14 May 2023 11:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से अपील की थी कि वे 'इस अवैध सरकार के अवैध आदेशों' का पालन न करें। उन्होंने यह भी कहा था कि एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार अगले तीन महीनों में गिर जाएगी।
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संजय राउत - फोटो : ANI
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विस्तार
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शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत के खिलाफ नासिक शहर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। राउत ने राज्य सरकार को 'अवैध' बताते हुए राज्य के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर अपील की थी कि वह उसके आदेश का पालन न करे। 

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राज्यसभा सदस्य राउत ने शिवसेना केंद्रित राजनीतिक गतिरोध पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनाए जाने के एक दिन बाद 12 मई को यह टिप्पणी की थी। राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से अपील की थी कि वे 'इस अवैध सरकार के आदेशों' का पालन न करें। उन्होंने यह भी कहा था कि एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार अगले तीन महीनों में गिर जाएगी।

एक अधिकारी ने बताया कि नासिक पुलिस ने टिप्पणी का स्वत: संज्ञान लिया और मुंबई नाका पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 505 (1) (बी), पुलिस (असंतोष के लिए उकसाना) अधिनियम, 1922 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

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फडणवीस-अजित पवार का गठबंधन उद्धव को सबक सिखाने के लिए था: मुनगंटीवार
महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे को सबक सिखाने के लिए वर्ष 2019 में एनसीपी के नेता अजित पवार का समर्थन लेना जरूरी था। मुनगंटीवार का इशारा संभवत:भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस और पवार द्वारा बनाए गठबंधन की ओर था। देवेंद्र फडणवीस-अजित पवार सरकार का गठन नवंबर 2019 में राज्य विधानसभा चुनाव के बाद गुपचुप तरीके से किया गया था। बाद में, उद्धव ठाकरे महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के मुख्यमंत्री बने थे, जिसमें उनकी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल थी।

मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे पर ठाकरे ने लंबे समय से सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़ लिया था। भाजपा नेता मुनगंटीवार ने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में बताया, उद्धव ठाकरे उस समय जिस तरह की नयी राजनीतिक व्यवस्था लेकर आए थे, उस समय ठाकरे को सबक सिखाने के लिए राकांपा के अजित पवार से समर्थन लेना जरूरी था। भाजपा नेता की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, मुनगंटीवार ने जो कुछ कहा, उसे मैंने व्यक्तिगत रूप से नहीं सुना। उनके बयान पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

जब पत्रकारों ने संजय राउत से मुनगंटीवार की टिप्पणी के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि मुनगंटीवार को उनकी अपनी पार्टी में कोई व्यक्ति महत्व नहीं देता है। उनकी टिप्पणी के बारे में हमसे पूछने का क्या मतलब है।
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