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पुणे में कर्ज के बोझ तले बिखर गया परिवार: एक केमिकल और खत्म हो गई तीन जिंदगियां; सुसाइड नोट में छलका दर्द

Sun, 02 Aug 2026 07:03 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पुणे के पिंपरी इलाके में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट और सोडियम नाइट्रेट का कंटेनर मिला है।  
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क
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विस्तार
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पुणे के पिंपरी इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर परिवार ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय विनोद पिल्लई, उनकी 45 वर्षीय पत्नी सिरजा पिल्लई और 19 वर्षीय बेटी पूर्णिमा पिल्लई के रूप में हुई है। विनोद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिरजा और पूर्णिमा को गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया।

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मामले का खुलासा कैसे हुआ?
इस दर्दनाक घटना का खुलासा तब हुआ, जब सिरजा पिल्लई अपने स्कूल नहीं पहुंचीं। वह एक स्कूल में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थीं। सहकर्मियों ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्हें चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने परिवार के रिश्तेदारों को सूचना दी। रिश्तेदार जब घर पहुंचे तो तीनों अचेत अवस्था में मिले। सूचना मिलने पर संत तुकाराम नगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

घर से क्या-क्या मिला?
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट और सोडियम नाइट्रेट से भरा एक कंटेनर मिला। शुरुआती जांच के अनुसार, विनोद पिल्लई ने यह रसायन ऑनलाइन मंगाया था। पुलिस का कहना है कि इस रसायन को जलाने से निकली जहरीली गैस पूरे कमरे में फैल गई, जिससे परिवार के तीनों सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच भी कर रही है।
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सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में विनोद पिल्लई ने लिखा है कि परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट से गुजर रहा था और इसी मजबूरी में उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी लिखा कि इस घटना के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है और उसकी सत्यता की भी पुष्टि की जा रही है।

परिवार की आर्थिक स्थिति कैसी थी?
जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। आर्थिक हालात इतने खराब हो गए थे कि करीब तीन वर्ष पहले उन्हें नेहरू नगर स्थित अपना घर बेचना पड़ा। इसके बाद से परिवार मोरवाड़ी इलाके में किराये के एक कमरे में रह रहा था। पुलिस अब परिवार की वित्तीय स्थिति, कर्ज और उससे जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही है।

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विनोद और सिरजा की पृष्ठभूमि क्या थी?
विनोद पिल्लई ने आईआईएम अहमदाबाद में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की थी। वहीं उनकी पत्नी सिरजा पिल्लई एक स्कूल में कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत थीं। पढ़े-लिखे और सामान्य जीवन जी रहे इस परिवार का इस तरह खत्म हो जाना पूरे इलाके के लिए गहरे सदमे का कारण बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच जारी है।

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