देश में नोटबंदी और जीएसटी लागू करने में अहम भूमिका निभाने वाले वित्त सचिव हसमुख अढिया 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को फेसबुक पर इसकी जानकारी दी। जेटली ने अपने ब्लॉग में अढिया की प्रशंसा करने के साथ ही भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। अढिया वित्त सचिव के साथ राजस्व सचिव का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। इस बीच, सरकार ने अढिया की जगह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईएडीआई) के सीईओ अजय भूषण को राजस्व सचिव नियुक्त करने की घोषणा की है।
‘हसमुख अढिया रिटायर्स’ शीर्षक से लिखे फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा, ‘वह निश्चित रूप से एक सक्षम, अनुशासित, व्यावहारिक जनसेवक और निष्कलंक सत्यनिष्ठा वाले अधिकारी हैं। ड्यूटी के अलावा योग और आध्यात्म से उन्हें बेहद लगाव रहा। उन्होंने इस साल की शुरुआत में मुझे बताया था कि वह 30 नवंबर के बाद एक दिन भी काम नहीं करेंगे। इसके बाद उनका समय उनके जुनून और बेटे के लिए होगा।’
जीएसटी लागू करने में अढिया के योगदान को याद करते हुए जेटली ने कहा कि उनकी मेहनत और केंद्र व राज्यों के उनके अधिकारियों की टीम के प्रयासों के कारण ही हम 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी लागू कर पाए। मैं सेवानिवृत्ति के बाद उनके बेहतर जीवन की कामना करता हूं। 1981 बैच गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी अढिया को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नवंबर, 2014 में वित्त मंत्रालय में सचिव बनाया गया था।
‘मुझे नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली के नेतृत्व में चार वर्षों तक वित्त मंत्रालय में काम करने का मौका मिला। मैं 30 नवंबर को रिटायर होऊंगा। देश के लिए जो किया उससे संतुष्ट हूं। मैंने जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ काम किया, उनका आभारी हूं।’
- हसमुख अढिया, वित्त सचिव