चीन के साथ सीमा पर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच भारत सरकार ने एक नई योजना का एलान किया है जिसके तहत चीन के साथ सीमा पर स्थित गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम किया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को चीन के साथ सीमा पर स्थित गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक योजना का एलान किया। केंद्र सरकार ने यह कदम चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में चल रहे सैन्य गतिरोध और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास के कई सेक्टर में चीन की ओर से गांव बसाने की पृष्ठभूमि में उठाया है।
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इस योजना को 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' नाम दिया गया है। सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा, 'कम आबादी, सीमित संपर्क और बुनियादी ढांचे वाले गांव अक्सर विकास लाभ से छूट जाते हैं। उत्तरी सीमा पर स्थित इस तरह के गांवों को नए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत कवर किया जाएगा और इन्हें विकास की राह पर अग्रसर किया जाएगा।'
सीमा से सटे गांवों में किए जाएंगे ये काम
सीतारमण ने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत होने वाली गतिविधियों में ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण, आवासीय व पर्यकट केंद्रों का निर्माण, सड़क संपर्क, विकेंद्रित नवीनीकृत ऊर्जा का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही दूरदर्शन और शिक्षा संबंधित चैनलों की घरों तक सीधे पहुंच प्रदान की जाएगी और आजीविका के लिए सहयोग दिया जाएगा।
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उपलब्ध कराई जाएगी अतिरिक्त धनराशि
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि इन कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मौजूद योजनाओं को इसमें समाहित किया जाएगा। हम उनके परिणाम तय करेंगे और लगातार निगरानी रखेंगे। बता दें कि पिछले कुछ सालों के दौरान केंद्र सरकार ने सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को बहुत गंभीरता से लिया है।