वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि राजदूत माइकल फ्रोमैन के साथ द्विपक्षीय बैठक में एच 1बी और एल 1 वीजा फी में बढ़ोतरी का मसला उठाया और इसे भेदभावपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारत के आईटी प्रोफेशनल परेशान हो रहे हैं।
वित्त मंत्रालय से यहां जारी एक बयान के मुताबिक जेटली ने बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच निरंतर सहभागिता और तेजी से बढ़ती व्यापारिक एवं निवेश भागीदारी की चर्चा करते हुए कहा कि इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहभागिता के महत्वपूर्ण अवयव हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस आर्थिक सहभागिता को और मजबूत करने को लेकर आशान्वित है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ समग्र (टोटलाइजेशन) समझौता जल्द करने को इच्छुक है। उद्योग जगत का आकलन है कि भारतीय प्रोफेशनलों ने पिछले दशक के दौरान अमेरिका की सामाजिक सुरक्षा में 25 अरब अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा का योगदान दिया है, हालांकि उन्हें अपने योगदान का प्रतिफल नहीं मिला।