राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने राहुल को सलाह दी कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा का सबक पूर्व रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी से सीखें। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा राफेल सौदे में गंभीर हेराफेरी का आरोप लगाने और विमान की खरीद का ब्योरा मांगने पर वित्त मंत्री ने कहा,‘जब आपकी सरकार थी तो आपकी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोपों का कलंक लगा था।
अब नया सौदा हुआ है, तो कह दिया कि आइए हम एनडीए के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप गढ़ते हैं। जब आपको इसमें भी कुछ नहीं मिला तो आप कहने लगे कि कृपया राफेल सौदे की कीमत का खुलासा करें।’ जेटली बजट पर बहस का जवाब दे रहे थे।
लोकसभा में कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं कांग्रेस पर भारत की सुरक्षा से समझौता करने का गंभीर आरोप लगाता हूं। प्रधानमंत्री मोदी पिछले चार वर्षों से बेदाग सरकार चला रहे हैं। इसे देखते हुए आपने शुरू कर दिया कि चलो कोई नया संकट गढ़ें, कोई नया मुद्दा उठाएं। इस गढ़े हुए मुद्दे को उठाते हुए कहने लगे कि मुझे राफेल सौदे का ब्योरा दें।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल विमानों के सौदे को सार्वजनिक करने की मांग की है।
तकरीबन 58 हजार करोड़ रुपये के सौदे का सार्वजनिक ब्योरा देने से इनकार करने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए जेटली ने कहा कि जब यूपीए की सरकार थी तो तत्कालीन रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी और एके एंटनी ने 15 बार संसद को बताया था कि इस तरह का ब्योरा देना राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में नहीं होगा। उन्होंने उस दौरान इस्राइल से खरीदी गई मिसाइलों से संबंधित सवाल उठाए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को मुखर्जी के पास जाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर सबक लेना चाहिए।