मोदी सरकार को किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग को समर्पित करार देते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत बनाने, महंगाई पर लगाम लगाने, गरीब कल्याण सुनिश्चित करते हुए सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सभी वर्गों को राहत देने का काम किया है।
लोकसभा में वित्त विधेयक 2019 पर चर्चा का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि हमने अंतरिम बजट में कोई नया कर नहीं लगाया लेकिन पांच लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को कर के दायरे से बाहर रखने के प्रस्ताव किया है। हमने मध्यम वर्ग को राहत देने का काम किया है ।
इसकी लोगों के बीच से उत्साहजनक प्रतिक्रिया आई है और यह एक यूफोरिया बन गया है। उन्होंने कहा कि आयकर के तहत तमाम छूट को ध्यान में रखा जाए तब 9-9.5 लाख रूपये तक की आय पर निवेश के माध्यम से बिना कर दिये रहा जा सकता है।
गोयल ने कहा कि सरकार गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों की जरूरत को ध्यान में रखकर काम कर रही है और इसी के तहत आयकर नियमों में संशोधन किए जा रहे हैं। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने कुछ संशोधनों को नकारते हुए ध्वनिमत से वित्त विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी।
वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद कर का आधार बढ़ा है। पिछले वर्ष प्रत्यक्ष कर की राशि में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। पिछले करीब पांच वर्षो में कर के रूप में एकत्र की जाने वाली राशि दोगुनी हुई है। देश आज दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के ट्रैक रिकार्ड से स्पष्ट है कि जितना हम अनुमान लगाते हैं, करीब करीब उतना हासिल भी करते हैं।