राजस्थान के भरतपुर की पुलिस ने भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में फतेहाबाद के डा. सलीम हास्पिटल के 78 वर्षीय संचालक अलीमुद्दीन को गिरफ्तार किया है। यह हास्टिपल फतेहाबाद थाना के पीछे हैं। पुलिस ने अलीमुद्दीन को स्टिंग आपरेशन के जाल में फंसाया। वह भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 30 हजार रुपये ले रहा था। आगरा रेंज में चार महीनों में तीसरा मामला पकड़ा गया है।
इससे पहले मथुरा में एक हास्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण पकड़ा गया था। भरतपुर पुलिस ने यह कार्रवाई एक सटीक सूचना पर की। राजस्थान के ही करौली जिले में एक नर्स शरबती भ्रूण लिंग परीक्षण के ठेके ले रही थी। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एडीजी राजस्थान रघुवीर सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टीम लगाई गई।
स्टिंग आपरेशन के तहत शरबती के पास एक गर्भवती महिला भेजी गई। वह उसे आगरा लेकर आई। उसके साथ एक दलाल भी था। यहां तीन दलाल और मिले हर्ष चौधरी, हरवीर सिंह और कैलाश। शरबती और चारों दलाल गर्भवती महिला से बोले कि फतेहाबाद चलना होगा। यहां अलीमुद्दीन ने 30 हजार रुपये लेकर अल्ट्रासाउंड किया। इसकेबाद बताया कि भ्रूण में लड़की है।