भारतीय पायलट महासंघ (FIP) ने विज्ञप्ति जारी कर लिखा, 'हम अहमदाबाद में एअर इंडिया की उड़ान संख्या A-171 की दुखद दुर्घटना से संबंधित प्रारंभिक निष्कर्षों और सार्वजनिक चर्चा पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। हम जांच प्रक्रिया से पायलट प्रतिनिधियों को बाहर रखे जाने पर अपना असंतोष व्यक्त करते हैं। हम प्रारंभिक रिपोर्ट की व्याख्या और इसे सार्वजनिक करने के तरीके पर भी कड़ी आपत्ति जताते हैं।'
भारतीय पायलट महासंघ (FIP) ने अहमदाबाद में एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI-171 की दुखद दुर्घटना से जुड़े प्रारंभिक निष्कर्षों और सार्वजनिक चर्चा पर चिंता व्यक्त की है। एफआईपी ने कहा कि सबसे पहले हम जांच प्रक्रिया से पायलट प्रतिनिधियों को बाहर रखे जाने पर अपना असंतोष व्यक्त करना चाहते हैं। एक गहन, पारदर्शी और आंकड़ों पर आधारित जांच से पहले दोषारोपण करना जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना दोनों है।
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सार्वजनिक करने के तरीके पर भी कड़ी आपत्ति जताई
भारतीय पायलट महासंघ (FIP) ने विज्ञप्ति जारी कर लिखा, 'अहमदाबाद में एअर इंडिया की उड़ान संख्या A-171 की दुखद दुर्घटना से संबंधित प्रारंभिक निष्कर्षों और सार्वजनिक चर्चा पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है। हम जांच प्रक्रिया से पायलट प्रतिनिधियों को बाहर रखे जाने पर अपना असंतोष व्यक्त करते हैं। हम प्रारंभिक रिपोर्ट की व्याख्या और इसे सार्वजनिक करने के तरीके पर भी कड़ी आपत्ति जताते हैं।'
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रिपोर्ट में व्यापक आंकड़ों का अभाव
एफआईपी ने आगे कहा, 'जारी की गई रिपोर्ट में व्यापक आंकड़ों का अभाव है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह पायलट की गलती साबित करने और उड़ान चालक दल की पेशेवर क्षमता और ईमानदारी पर सवाल उठाने के लिए चुनिंदा रूप से कॉकपिट की रिकॉर्डिंग पर निर्भर करती है। यह दृष्टिकोण न तो वस्तुनिष्ठ है और न ही पूर्ण। इसलिए हम अपने सदस्यों और आम जनता से आग्रह करते हैं कि वे ऐसे पूर्व निष्कर्षों पर विश्वास न करें।'
परिवारों और सहकर्मियों के लिए परेशानी का कारण
एफआईपी ने कहा, 'एक संपूर्ण, पारदर्शी और आंकड़ों पर आधारित जांच से पहले दोषारोपण करना जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना है। इस तरह की अटकलें लगाने वाली टिप्पणियां प्रशिक्षित चालक दल के सदस्यों की व्यावसायिकता को कमजोर करती हैं, उनका मनोबल तोड़ती हैं और उनके परिवारों और सहकर्मियों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं।'
बेतुकी बयानबाजी या निराधार धारणाएं बनाने से बचने का आग्रह
एफआईपी ने कहा, 'एफआईपी मीडिया, टिप्पणीकारों और अधिकारियों सहित सभी हितधारकों से बेतुकी बयानबाजी या निराधार धारणाएं बनाने से बचने का आग्रह करता है। हम विमानन सुरक्षा तथ्यों, सत्यनिष्ठा और उचित प्रक्रिया के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता की मांग करते हैं। हम चालक दल और उनके परिवारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। हम किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित जांच के अपने आह्वान को दोहराते हैं।'