बिहार सरकार की जानकारी के मुताबिक वह 14 मई तक 195 ट्रेनों के जरिए विभिन्न राज्यों से 246160 लोगों को वापस ला चुकी है। यहां जिस जिले में ट्रेन पहुंचती है, वहां जिले के डीएम और एसपी की निगरानी में प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच होती है।
झारखंड में वापसी के लिए अब तक नौ लाख प्रवासी मजदूरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। लेकिन राज्य सरकार को अनुमान है कि इसमें लगभग सात लाख प्रवासी मजदूर वापस लौट सकते हैं। इसके लिए प्राथमिक चरण में केंद्र से 120 ट्रेनों की मांग की गई है।
इनकी अनुमति मिलने के बाद लगातार क्रम में प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य सरकार के स्तर पर ट्रेनों की व्यवस्था की जाती रहेगी।
राज्य सरकार के सूत्रों के मुताबिक, प्रवासी मजदूरों से राज्य में संक्रमण न फैले, इसके लिए तीन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जिस स्टेशन पर प्रवासी मजदूर पहुंच रहे हैं, वहीं पर जिले के शीर्ष अधिकारी उनकी स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं।
कोरोना लक्षण वाले लोगों को विशेष सेंटरों में रखकर इलाज किया जा रहा है, जबकि लक्षणविहीन लोगों को उनके घरों पर ही होम क्वारंटीन किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें राशन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं जिससे इस दौरान उनके परिवारों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रवासी मजदूरों को लाने की पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन इनके कारण प्रदेश में संक्रमण न फैले, इसके लिए मजदूरों को यात्रा से पहले स्थानीय सरकार से स्वास्थ्य जांच कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदेश में पहुंचने पर भी इनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।