सरकार द्वारा सोमवार को घोषित एफडीआई सुधारों को स्वदेशी जागरण मंच ने जनता से विश्वासघात बताया है। मंच का कहना है कि इसका उद्देश्य रोजगार पैदा करना नहीं, बल्कि भारतीयों से रोजगार छीनना है।
मंच के राष्ट्रीय कंवीनर अश्वनी महाजन ने कहा कि खुदरा, रक्षा और फार्मा सेक्टर को विदेशी कंपनियों के लिए खोलकर सरकार ने आम और स्थानीय कारोबारियों के लिए अच्छा नहीं किया। वहीं कांग्रेस ने रक्षा नीति में इतने बड़े बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए के एंटनी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण और गौर करने वाली बात है कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से लौटने के तुरंत बाद लिया गया है।
उधर माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई खतरनाक है। बहुत कम देश ऐसे हैं जिन्होंने इस संवेदनशील क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी है। वहीं इस फैसले की आलोचना करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि ‘मेक इन इंडिया’ के नाम पर मोदी सरकार ‘ब्रेकिंग इंडिया’ कर रही है। हालांकि सरकार ने कहा है कि आर्थिक सुधारों के इस फैसले से रघुराम राजन के निर्णय का कोई लेना-देना नहीं है।