महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नांदेड़ जिले में छह प्रतिष्ठानों से लगभग 2.9 लाख रुपये मूल्य के 675 किलोग्राम खाद्य उत्पाद जब्त किए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई राज्य-व्यापी 'सुरक्षित भोजन, सुरक्षित महाराष्ट्र' अभियान के तहत की गई। इस अभियान का मकसद त्योहारों के मौसम में सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी की मिठाइयां, खोया, दूध, डेयरी उत्पाद और खाने-पीने की दूसरी चीजें उपलब्ध कराना है।
जब्त किए गए समान में क्या है?
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि छह जगहों पर जांच के लिए खाने-पीने की चीजों के आठ सैंपल लिए गए । वहीं, 675 किलोग्राम खाने-पीने का सामान ज़ब्त किया गया। जब्त किए गए सामान में घी, खोया, कुंडा पेड़ा, मीठा पेड़ा, मावा पेड़ा और खाने का तेल शामिल था।
नांदेड़ में देगलूर नाका स्थित शिवकृपा दूध भंडार से अधिकारियों ने 88 किलोग्राम घी और 49 किलोग्राम खोया जब्त किया। मालेगांव रोड पर स्थित श्रीसाई खोया सेंटर से 99 किलोग्राम खोया और एमआईडीसी इलाके में खंडेलवाल स्वीट्स से भी 99 किलोग्राम खोया जब्त किया गया।
भोकर तहसील के पलाज गांव में बादामराव पेढेवाले से 38 किलोग्राम कुंडा पेड़ा और 78 किलोग्राम मीठा पेड़ा जब्त किया गया। अधिकारियों ने बिलोली तहसील के कुंडलवाड़ी में काशीराम डचावर से 146 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल और माहूर तहसील के वाई बाजार में जगदंबा बीकानेर से 78 किलोग्राम मावा पेड़ा भी जब्त किया।
पूरे जिले में कितने सैंपल लिए गए?
इन छह जगहों के अलावा, एफडीआई ने पूरे जिले में खाने-पीने की 28 जगहों की जांच की और जांच के लिए 26 सैंपल लिए। अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट पर ग्राहक कहां शिकायत दर्ज करा सकते हैं?
उन्होंने कहा कि जो ग्राहक खाने-पीने की चीजों में मिलावट या असुरक्षित खाद्य उत्पादों की बिक्री के बारे में जानते हैं। वे एफडीए के नांदेड़ ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं या एफओएससीओसी ऑनलाइन पोर्टल या विभाग के शिकायत पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।