तमिलनाडु के मुदुरई में 18 साल के लड़के की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि लड़के का पिता अस्पताल के कर्मचारी को 300 रुपए की रिश्वत नहीं दे पाया। जी गणपति 2 मई को बेटे राजेंद्र प्रसाद को सांस में तक्लीफ और शरीर में ऐंठन की शिकायत के बाद मुदुरई के सरकारी राजाजी अस्पताल में ले गए थे।
अस्पताल का एक कर्मचारी जो उनके बेटे को स्ट्रेचर पर ले जा रहा था उसने जी गणपति से 300 रुपए की मांग की। जी गणपति ने जब पैसे देने से मना कर दिया तो कर्मचारी ने उनके हाथ से मरीज को अस्पताल में ऐड्मिट कराने वाली स्लिप छीन ली। जिसकी वजह से डाक्टरों ने ट्रीटमेंट शुरू करने से मना कर दिया।
लड़के की लापरवाही से मौत के बाद अस्पताल के शवगृह के कर्मचारी ने भी गेट पास के नाम पर उनसे 100 रुपए मांगे। इसके बाद एक महिला कर्मचारी ने जी गणपति से 200 रुपए की मांग की, जी गणपति ने महिला कर्मचारी से कहा मेरे पास केवल 80 रुपए हैं।
महिला कर्मचारी ने उनसे वे 80 रुपए भी ले लिए, इसके बाद उनकी जेब में बेटे के शव को श्मशान तक ले जाने के लिए भी पैसे नहीं बचे थे। 24 मई को जी गणपति के परिवार ने मुदुरई के कलेक्टर से इसकी शिकायत भी की। अस्पताल के डीन ने जांच के आदेश दिए हैं लेकिन गणपति ने कहा अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।