आत्मघाती हमलावर आदिल और उसके पिता गुलाम डार
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला करने वाले फिदायीन हमलावर के पिता गुलाम डार ने बेटे की आतंकी गतिविधियों की जानकारी होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि बेटे के आतंकी बनने और उसके सुसाइड मिशन के बारे में उन्हें हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस से जानकारी मिली।
गुलाम के अनुसार, उसका बेटा आदिल 12वीं की परीक्षा देने वाला था। वह घर से जम्मू जाने को कह कर निकला और कभी वापस नहीं लौटा। उन्हें अंदेशा तक नहीं था कि उनका बेटा इस तरह की आतंकी गतिविधि में शामिल होगा।
तीन साल पहले लापता हुआ था आदिल
आदिल हुसैन डार 19 मार्च 2016 को पुलवामा के गुंडीबाग से गायब हो गया था। उसके दो दोस्त तौसीफ और वसीम भी गायब हो गए थे। तौसीफ का बड़ा भाई मंजूर अहमद डार भी आतंकी था जो 2016 में मारा गया था।
आदिल ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था। आदिल एक स्थानीय मस्जिद में अजान भी दिया करता था। विस्फोटकों से भरे कार के साथ सीआरपीएफ के बस पर हमला करने वाले आदिल का शव तो घटना स्थल पर नहीं मिला, लेकिन उसके परिवार को अपना बेटा खोने का दुख है।
एक साल से जैश में शामिल था आदिल
आत्मघाती हमलावर आदिल ने विस्फोटक भरी कार को जवानों की बस से टकरा दिया था, जिससे विस्फोट में बस के परखच्चे उड़ गए। आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए आतंकी आदिल का वीडियो जारी किया था।
वीडियो में हथियारों के साथ हरे झंडे के आगे बैठ कर आदिल कहता दिख रहा है कि जब तक यह वीडियो आप लोगों तक पहुंचेगा, उस समय मैं जन्नत में मजे लूट रहा होऊंगा। मैंने जैश ए मोहम्मद में आतंकी के रूप में एक साल बिताया है। अब यह मेरा कश्मीर के लोगों के लिए आखिरी मैसेज है।