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अवैध होर्डिंग से गई थी बेटी की जान, पिता ने मांगा एक करोड़ का हर्जाना

Wed, 09 Oct 2019 07:13 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
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सुभाश्री (फाइल फोटो)
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तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अन्नाद्रमुक के अवैध होर्डिंग के गिरने से जान गंवाने वाली 23 साल की सुभाश्री के पिता रवि ने बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में पूरे मामले की जांच एसआईटी विशेष जांच दल से कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है।

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पिछले महीने 12 सितंबर को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के नेता द्वारा लगवाए गए एक अवैध होर्डिंग ने चेन्नई में 23 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुबाश्री की जान ले ली थी। स्कूटी पर घर लौटते वक्त होर्डिंग गिरने के कारण लड़की सड़क पर गिरी और पीछे से आ रहे एक टैंकर ने उसे रौंद दिया।

सुभाश्री के पिता की याचिका में कहा गया है, 'याचिकाकर्ता ने दुर्घटना और अपनी बेटी की मौत का सबसे पहला कारण सरकारी अधिकारियों की लापरवाही बताया है। सरकारी एजेंसियों की लापहरवाही की वजह से ही दुर्घटना वाले दिन सड़क से अवैध होर्डिंग हटाने का काम नहीं किया गया था।'
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सरकार से नहीं मिला जवाब
के. रवि ने यह भी आरोप लगाया है कि तमिलनाडु सरकार की ओर से उनके निवेदन पर अभी तक कोई भी जवाब नहीं आया है। उनका कहना है कि उन्होंने अवैध होर्डिंग के खिलाफ अधिकतम सजा निर्धारित करने के लिए स्पेशल एक्ट बनाने की भी अपील की है। मगर अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

अदालत ने लगाई थी कड़ी फटकार
हादसे के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने सरकार के ऊपर से भरोसा उठने तक की बात कह दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने राजनीतिक पार्टियों से होर्डिंग नहीं लगाने की अपील की थी।

विवाह कार्यक्रम के लिए लगवाया था होर्डिंग
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती पर जो अवैध होर्डिंग गिरा, वह अन्नाद्रमुक के एक नेता ने परिवार के विवाह कार्यक्रम के लिए लगाया था। बेंच ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या फ्लैक्स बोर्ड के बिना विवाह नहीं हो सकता था?

घटना के दो हफ्ते बाद हुई थी गिरफ्तारी
अन्नाद्रमुक पार्टी के पदाधिकारी सी.जयगोपाल को घटना के दो हफ्ते बाद 27 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ बिना अनुमति के अवैध होर्डिंग लगाने समेत दो धाराएं लगाई गईं थीं। 

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