ओडिशा के रहने वाले 58 साल के पिता और 30 साल के बेटे ने एक साथ और समान अंकों से दसवीं का एग्जाम पास किया है। पिता का नाम अरुण कुमार बेज और उनके छोटे बेटे का नाम विश्वजित है। दोनों ने ओडिशा स्टेट ओपन स्कूल में दसवीं की परीक्षा के लिए फॉर्म भरा था। ओपन स्कूल के जरिए किसी भी उम्र के लोग परीक्षा दे सकते हैं। इस स्वायत्त निकाय की स्थापना साल 2016 में हुई थी।
अरुण साल 2014 में भाजपा के टिकट से जलेश्वर
निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि वह चुनाव हार गए थे। उनका कहना है कि पिता की मौत के बाद उन्हें 7वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ना पड़ा था। वहीं उनके बेटे विश्वजीत साल 2004 में 10वीं कक्षा पास नहीं कर पाए थे जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर गांव में एक जनरल स्टोर की दुकान खो ली थी।
अरुण ने बताया, "मेरी पत्नी जयंती अमूमन छोटे बेटे को ओपन स्कूल के जरिए
दसवीं की परीक्षा पास करने के लिए कहा करती थी। लेकिन मेरा बेटा कहता था कि वह परीक्षा देने के लिए काफी बड़ा हो चुका है क्योंकि उसकी उम्र 30 साल है। उसे मनाने के लिए मैंने कहा कि मैं 58 साल की उम्र में भी परीक्षा देने वाला हूं। इसके बाद मेरा बेटा भी परीक्षा के लिए मान गया। इस तरह हम दोनों ने बागापूंजी के चैतन्य देव हाईस्कूल में वीकेंड में क्लास लेना शुरू कर दिया।"
बेज ने बताया कि उनके परिवार में अन्य सभी लोग पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने कहा कि, अन्य लोगों ने ही उन्हें आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका बड़ा बेटा सत्यजीत और बहू सुभाश्री ग्रेजुएट हैं। सुभाश्री एक स्कूल में पढ़ाती हैं। उनकी बेटी और दामाद भी पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि हम दोनों को ही 500 में से 342 अंक प्राप्त हुए हैं। हैराना वाली बात यह है कि अलग-अलग विषय होने के बावजूद भी हमारे अंक समान हैं। अब बाप-बेटे की यह जोड़ी आगे की पढ़ाई करने की तैयारी कर रही है। अब हम इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करेंगे।