मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) इस साल ऐसे अपराधों से निपटने में भारत के स्थापित तंत्र का मूल्यांकन करेगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब को एक आईजीपी रैंक के अधिकारी और गुजरात को डीआईजी रैंक के अधिकारी का नाम सौंपने को कहा है ताकि प्रस्तावित मूल्यांकन को लेकर तैयारी की जा सके। इन अधिकारियों के पास ऐसे मामलों की विशेषज्ञता होनी चाहिए।
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाला राजस्व विभाग व गृह मंत्रालय के तहत आने वाला इंटेलीजेंस ब्यूरो इस पूरी प्रक्रिया में मदद करेंगे। इसमें कुछ महीनों का समय लग सकता है।
राज्य जिन अधिकारियों के नाम भेजेंगे, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा और साक्षात्कारों में भी हिस्सा लेना होगा। प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी भी भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। एफएटीएफ की यह प्रक्रिया पिछले साल शुरू होनी थी, लेकिन कोविड-19 के चलते इसमें देरी हुई।