फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फारूख अब्दुल्ला का विवादित बयान, कहा- पाक का हिस्सा है PoK और उसका ही रहेगा

Sun, 12 Nov 2017 02:18 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूख अब्दुल्ला ने एक बार फिर कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पाकिस्तान का हिस्सा है और ये नहीं बदलने वाला। चाहे भारत और पाक कितनी ही जंगें लड़ लें। फारूक ने यह भी कहा कि आजाद कश्मीर की बात करना ‘गलत’ है, क्योंकि यह क्षेत्र तीन एटमी ताकतों चीन, पाकिस्तान और भारत से घिरा हुआ है।
विज्ञापन


पढ़ें- J&K के पूर्व सीएम बोले- 'हम चिल्लाते हैं, लेकिन हमारे पास चीन से लड़ने की ताकत नहीं'

एक दिन पहले ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने ‘आजाद कश्मीर’ के विचार को खारिज करते हुए कहा था कि यह हकीकत पर आधारित नहीं है। वहीं श्रीनगर से सांसद फारूक ने कहा, ‘मैं यह कह रहा हूं कि यहां आजादी (आजाद कश्मीर) जैसा कोई मुद्दा नहीं है।

हम चारों ओर से जमीन से घिरे हुए हैं। इसके अलावा, एक ओर चीन है तो दूसरी ओर पाकिस्तान जबकि तीसरी तरफ भारत है। इन तीनों के पास परमाणु बम हैं। हमारे पास अल्लाह के नाम के अलावा और कुछ नहीं है।’ 
विज्ञापन

    I can't comment much on that. He has held talks but talks alone is not the solution. This issue is between India & Pakistan. Indian govt must also hold talks with Pakistan govt because a part of Kashmir is also with them: Farooq Abdullah on J&K Interlocutor Dineshwar Sharma pic.twitter.com/PrAWB79j6j — ANI (@ANI) November 11, 2017
...कश्मीर की अवाम को मिला धोखा
फारूक ने कहा, ‘आजादी की बात करने वाले ये अलगाववादी गलत बयानी कर रहे हैं।’ स्वायत्तता की मांग पर उन्होंने कहा, ‘रियासत ने भारत में शामिल होने का फैसला किया, लेकिन भारत ने कश्मीरी अवाम से धोखा किया और उनसे अच्छा सलूक नहीं किया। उस प्यार को नहीं समझा, जिसमें हमने उनके साथ जाने का विकल्प चुना था। कश्मीर की मौजूदा स्थिति की यही वजह है।’ फारूक ने कहा, ‘आंतरिक स्वायत्तता हमारा अधिकार है। केंद्र सरकार को इसे बहाल करना चाहिए। तभी कश्मीर घाटी में शांति लौटेगी।’
 

...सरकार को याद नहीं है विलय पत्र

फाइल फोटो - फोटो : pti
पीओके को भारत का हिस्सा बताने संबंधी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर के बयान का जिक्र करते हुए फारूक बोले, ‘कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह और भारत सरकार के बीच विलय पत्र पर हुए हस्ताक्षर को याद कीजिए।

आपको विलय पत्र याद नहीं है और कश्मीर के दूसरे हिस्से (पाक के कब्जे वाले कश्मीर) पर दावा करते हैं। आप उन शर्तों को क्यों भूल गए, जिन पर हम सहमत हुए थे। पीओके पाकिस्तान का हिस्सा है और बना रहेगा।’

 
विज्ञापन

...जितना भी लड़ लो कुछ नहीं बदलेगा

Farooq Abdullah
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं सीधे शब्दों में कहता हूं कि जम्मू-कश्मीर का जो हिस्सा पाकिस्तान के पास है, वह उसका है और जो हिस्सा भारत के साथ है, वह भारत का है। यह नहीं बदलेगा। दोनों जितनी जंगें लड़ना चाहते हैं, लड़ने दीजिए। यह नहीं बदलेगा।’ केंद्र के विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा को लेकर उन्होंने कहा, ‘सिर्फ वार्ता से मुद्दे का हल नहीं होगा क्योंकि यह मुद्दा दो देशों के बीच का है। भारत सरकार को पाक सरकार से बात करनी होगी क्योंकि जम्मू-कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के पास है।’

...भारतीय संसद ने सर्वसम्मति से पास किया था प्रस्ताव 
22 फरवरी, 1994 को संसद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया था। इसमें पाकिस्तान से पीओके को खाली करने को कहा गया था। साथ ही भारत की अखंडता को चुनौती देने वालों से मजबूती से जवाब देने की बात कही गई थी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें