फारूक अब्दुल्ला ने उकसावे की कोशिश पर पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई है। दरअसल हाल ही में जम्मू-कश्मीर के छह राजनीतिक दलों द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ मिलकर लड़ने की गुपकर घोषणा की पाकिस्तान ने तारीफ की है। इस पर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि हम किसी की कठपुतली नहीं हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा जम्मू-कश्मीर के प्रमुख दलों को गाली दी है, अब अचानक हम उसके चहेते बन गए हैं। पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस और तीन अन्य दलों का प्रस्ताव कोई मामूली घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा मामला है।
अब्दुल्ला ने कहा, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हम नई दिल्ली या सीमा पार के किसी की कठपुतली नहीं हैं। हम जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं। सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने पर अब्दुल्ला ने कहा, हम पाकिस्तान से गुजारिश करते हैं कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को भेजना बंद करे, हम अपने राज्य में अमन चाहते हैं।