देश भर में मौजूद ज्यादातर किसान बैंकों से लोन लेने के बाद उसे चुकाते नहीं हैं। इससे बैंकों का 10 लाख करोड़ से ऊपर का लोन किसानों पर बकाया चल रहा है। समस्या से परेशान बैंकों ने वित्त मंत्रालय से मुलाकात करके राज्य सरकारों से किसानों का कर्ज माफ नहीं करने की अपील की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बैंकों के अनुसार कई राज्यों में 50 फीसदी तक ऐसे किसान हैं, जिन्होंने अपना लोन वापसी नहीं किया है। इसके अलावा ऐसे डिफॉल्टर किसान अपने बैंक खातों में जमा पैसे को भी निकाल रहे हैं, जिससे बैंक उनके खाते से भी लोन अमाउंट को काट नहीं पा रहे हैं।
अभी तक आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में राज्य सरकारों ने किसानों को कर्ज माफी का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां पर भी राज्य सरकार इस तरह की घोषणा करने वाली है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने की घोषणा 2014 में की थी। इसी तरह यूपी में योगी सरकार ने हाल ही में किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की है।