केंद्र सरकार को भरोसा है कि नौ दिन से आंदोलन कर रहे किसानों को शनिवार को होने वाली पांचवें दौर की बातचीत में मना लिया जाएगा। कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य व उद्योग राज्यमंत्री सोम प्रकाश ने शुक्रवार को इसके लिए रणनीति तैयार की।
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने किसानों द्वारा पिछली बैठक में उठाई आपत्तियों पर संभावित समाधान निकालने की कोशिश की है। शनिवार को तीनों केंद्रीय मंत्री किसानों से चर्चा करेंगे और सरकार के समाधान पेश करेंगे। केंद्रीय मंत्रियों को उम्मीद है कि शनिवार को वह किसानों को मना लेंगे जिससे उनका आंदोलन जल्द से जल्द समाप्त हो जाएगा।
सरकार ने बृहस्पतिवार को हुई बातचीत में भी रुख नरम करते हुए कानून में बदलाव करने के संकेत दिए थे हालांकि किसान संगठन कानून वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। कृषि मंत्री ने चौथे दौर की वार्ता में किसानों को भरोसा दिलाया था कि सरकार एपीएमसी मंडियों को मजबूत करने की तरीकों पर मंथन करने को तैयार है। इसके अलावा एमएसपी को बरकरार रखने और विवादों का निपटारा करने के लिए बड़ी अदालतों का रुख करने का प्रावधान जोड़ने पर भी विचार करने की बात की थी।
विस्तृत चर्चा के बाद तैयार किया कानून, किसानों को होंगे कई फायदे : सीतारमण
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि कृषि कानूनों को हर पहलू पर गौर देते हुए तैयार किया गया है। इसके लिए कड़ी मेहनत कर किसानों के हितों का ध्यान रखा गया है। सभी हितधारकों से विस्तृत चर्चा के बाद कानून बना है। उन्होंने भी उम्मीद जताई कि कृषिमंत्री किसानों को मना लेंगे।