भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा, 'हमने कानूनों को निरस्त करने के लिए सरकार को 2 अक्तूबर तक का समय दिया है। इसके बाद हम आगे की प्लानिंग करेंगे। हम दबाव में सरकार के साथ चर्चा नहीं करेंगे।'
कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, 'हम किसान नेताओं के संपर्क में हैं और यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए उनसे अनुरोध किया है। 'चक्का जाम' सीमित समय के लिए था, इसलिए हम देखेंगे कि कहीं भी यातायात अवरोध न हो। न तो किसानों और न ही यात्रियों पर इसका प्रभावित पड़ना चाहिए।'
हरियाणा के पलवल के पास अटवाल चौक पर पलवल-आगरा हाईवे पर किसानों ने देशव्यापी 'चक्का जाम' के दौरान एक एंबुलेंस को जाने का रास्ता दिया।
हरियाणा में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर ट्रैफिक जाम में फंसे यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। यह देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, यहां से प्रतिदिन लगभग 40,000 वाहन गुजरते हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर रैपिड ऐक्शन फोर्स सहित सुरक्षाबलों के जवानों को किसी भी बिगड़ती परिस्थिति से निपटने के लिएए तैनात किया गया है। चक्का जाम के आह्वान के मद्देनजर गाजीपुर बॉर्डर पर स्थिति शांतिपूर्ण है।
पंजाब में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसानों द्वारा किए गए 'चक्का जाम' के आह्वान के तहत प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया। अमृतसर में दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोल्डन गेट का दृश्य।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'किसान 71 दिनों से सड़कों पर हैं, वे संघर्ष कर रहे हैं। एक तरफ, सरकार बातचीत के लिए तैयार है, जबकि दूसरी ओर वे पानी का कनेक्शन, बिजली कनेक्शन वापस ले रहे हैं। वे किसानों को परेशान कर रहे हैं, एक लोकतांत्रिक सरकार इस तरह से कैसे काम कर सकती है?'
गाजीपुर सीमा (दिल्ली-उत्तर प्रदेश) पर रैपिड एक्शन फोर्स सहित सुरक्षा बलों के जवानों की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक और रिजर्व बलों के लगभग 50,000 कर्मियों को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तैनात किया गया है।
तेलंगाना के हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक राजमार्ग पर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने वहां से हटा दिया है। ये सभी किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए देशव्यापी चक्का जाम के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे।
कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर सीमा पर हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर (दिल्ली-उत्तर प्रदेश) में भारी सुरक्षाबल तैनात है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने किसानों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'क्यों डराते हो डर की दीवार से?'
यूपी एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा, लगभग 144 यूपी-पीएसी की कंपनी, 6 अर्धसैनिक कंपनी के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात किया गया है। हमने सेक्टर / जोनल योजनाएं लागू की हैं। वहां पर फुट पेट्रोलिंग, ड्रोन और सब कुछ दर्ज किया जा रहा है।
किसानों द्वारा दिए गए देशव्यापी 'चक्का जाम' के आह्वान के तहत पलवल के पास अटोहन चौक पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
आज किसानों द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी 'चक्का जाम' के तहत जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर जम्मू में किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम सरकार से इन कानूनों को रद्द करने की अपील करते हैं। हम दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हैं।'
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे कृषि कानूनों का विरोध करते हुए सड़कों पर आएं और आज दोपहर 12 से 3 बजे के बीच 'धरना' में शामिल हों।'
बंगलूरू में किसानों द्वारा बुलाए गए देशव्यापी चक्का जाम के तहत लहंका पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों ने शाहजहांपुर सीमा (राजस्थान-हरियाणा) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। किसानों ने आज 12 बजे से 3 बजे तक 'चक्का जाम' का आह्वान किया है।
पंजाब में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसानों द्वारा बुलाए गए 'चक्का जाम' के तहत प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया। अमृतसर और मोहाली का दृश्य।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों के चक्का जाम का समर्थन किया। उन्होंने शनिवार को ट्वीट कर कहा, 'अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है- ये तीन कानून सिर्फ किसान-मजदूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन!'
दिल्ली मेट्रो ने खान मार्केट और नेहरू प्लेस के प्रवेश / निकास द्वार भी बंद कर दिए हैं। यह जानकारी दिल्ली मेट्रो ने दी है।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा, पुलिस कर्मियों को रणनीतिक स्थानों जैसे कि रोड नंबर 56, एनएच-24, विकास मार्ग, जीटी रोड, जीराबाद रोड पर देशव्यापी 'चक्का-जाम' के आह्वान के मद्देनजर तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग इस तरह से की गई है कि दिल्ली में कोई घुसपैठ न हो।
दिल्ली मेट्रो के लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन के प्रवेश / निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं।
मंडी हाउस, आईटीओ, विश्वविद्यालय और दिल्ली गेट के प्रवेश / निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। यह जानकारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने दी है।
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को कहना चाहूंगा कि देश की आवाज, देश के किसानों की बात सुननी चाहिए और जल्द ही इन तीन कानूनों को रद्द करना चाहिए।'
चक्का जाम के दौरान दिल्ली के साइबर सेल को सोशल मीडिया की निगरानी के लिए लगाया गया है। साइबर सेल के पचास पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए हैं। कई अकाउंट बंद होने के बावजूद ट्विटर सहित अन्य दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उकसाने वाले ट्वीट किए जा रहे हैं। जिसपर पुलिस कार्रवाई करने में जुटी है।
बम और डॉग स्क्वॉड को राजधानी के कई स्थानों पर तैनात किया गया है। लाल किला, इंडिया गेट जैसी जगहों पर ध्यान देने के साथ ही बाजारों और धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। इसके अलावा संसद भवन जाने वाले मार्गद पर भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कच्ची सड़कें जिनते जरिए शहर के अंदर प्रवेश किया जा सकता है, उन पर भी नजर रहेगी।
किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए दिल्ली के आईटीओ पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है। किसान संगठन देशभर में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे।
किसान संगठनों द्वारा देशभर में आज चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए शाहजहांपुर बॉर्डर (दिल्ली-राजस्थान बॉर्डर) पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। किसान संगठन देशभर में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे।
किसानों द्वारा चक्का जाम के आह्वान के मद्देनजर स्थिति पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में ड्रोन कैमरों को तैनात किया गया है। टीकरी बॉर्डर का दृष्य।
किसानों द्वारा 'चक्का जाम' के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। लोनी बॉर्डर (गाजियाबाद) का दृश्य जहां स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बॉर्डर के चार किलोमीटर के इलाके में सात लेयर की सुरक्षा की गई है। साथ ही पुलिस बल का सख्त पहरा लगा दिया गया है। ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा को देखते हुए सीमावर्ती इलाके में अदर्धसैनिक बलों की पचास कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। पचास कंपनियां आस पास के इलाके में गश्त करेंगी जबकि पचास कंपनियों को रिजर्व में रखा गया है।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान सीमा और आस पास के इलाके में सुरक्षा इंतजाम के बारे में जानकारी ली और वहां कड़े बंदोबस्त करने के निर्देश दिए। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा के इंतजाम के साथ साथ दिल्ली में प्रवेश करने वाली करीब 125 सड़कों पर भी सुरक्षा चौकस कर दी गई है।
लाल किले पर एहतियातन भारी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। आज कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान संगठनों ने देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है।
गाजीपुर सीमा पर किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन के साथ व्यापक रूप से बैरिकेडिंग की गई है। आज कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान संगठनों ने देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है।
किसी भी गड़बड़ी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 12 मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश और निकास को बंद करने के लिए अलर्ट पर रखा गया है। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी है।
किसानों के चक्का जाम के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए दिल्ली के बॉर्डर सहित दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
दिल्ली में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आईटीबीपी, सीआरपीएफ और आरएएफ की कई कंपनियां मौजूद रहेंगी। विशेष सेल की स्वात टीमों और एनएसजी को आपात स्थिति में शॉर्ट नोटिस पर स्थानांतरित करने के लिए स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है।
गणतंत्र दिवस जैसी हिंसा को दोबारा न होने देने के लिए दिल्ली पुलिस सतर्क है। देश की राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस, रिजर्व पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के 50,000 से अधिक जवानों को सीमा सहित विभिन्न बिंदुओं पर तैनात किया गया है।
दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि 26 जनवरी को हुई हिंसा के मद्देनजर सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाएगी ताकि अफवाह न फैलाई जा सके और शरारती तत्व राजधानी में न घुस पाएं।
किसानों के प्रस्तावित 'चक्का जाम' से पहले प्रदर्शन स्थलों के पास दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहज कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा बहुस्तरीय अवरोधक, कंटीले तार तथा सड़कों पर नुकीली कीलें लगाई गई हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के अंदर चक्का जाम नहीं होगा। दिल्ली में प्रवेश के सभी मार्ग खुले रहेंगे। केवल वही मार्ग बंद रहेंगे जहां किसानों का प्रदर्शन जारी है।
कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्से के हजारों किसान दिल्ली की तीन सीमाओं- सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर 70 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।