फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Farmers Protest: सरकार और किसानों की बातचीत में अब व्यापारी संगठन कूदे, कैट को वार्ता में शामिल करने की मांग

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:58 PM IST

सार

कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि किसानों के वर्तमान आंदोलन से व्यापार जगत को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के साथ वार्ता में व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर, उपभोक्ता सहित किसानी से संबंधित अन्य क्षेत्रों के प्रमुख संगठनों को भी शामिल किया जाए
विज्ञापन
विज्ञापन
Farmers Protest: Praveen Khandelwal - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt


जिस प्रकार से कथित आंदोलनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की खुले आम धमकी दे रहे हैं और जिस असभ्य भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वो बेहद ही निंदनीय है। यह किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को इस मामले में तुरंत स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। ऐसे सभी व्यक्तियों के खिलाफ अविलंब कड़ी कार्रवाई की जाए। देश के प्रधानमंत्री को सरे आम धमकी देना और उनके लिए बेहद असभ्य भाषा का प्रयोग करना कतई स्वीकार नहीं है। खंडेलवाल ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पंजाब के सीएम भगवंत मान से मांग की है, क्योंकि वे एमएसपी देने की जोरदार वकालत कर रहे हैं, तो सबसे पहले कांग्रेस कर्नाटक में और आप सरकार, पंजाब के किसानों को राज्य सरकार की ओर से एमएसपी की गारंटी दे। यह उनके अधिकार क्षेत्र में आता है और जिसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से स्वीकृति लेने की कोई जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी सहित एमएसपी का समर्थन कर रहे मुख्यमंत्रियों को पहले अपने राज्य के किसानों को उनकी फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी देनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next