दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन को कैसे खत्म किया जाए इसे लेकर सरकार और भारतीय जनता पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने किसान आंदोलन से निपटने के लिए नया रोडमैप तैयार किया है। केंद्रीय मंत्री से लेकर सांसद और विधायक सभी अब नए कृषि कानून के फायदे को लेकर किसानों और जनता के बीच जाएंगे और उनसे चर्चा करेंगे।
किसान आंदोलन कैसे खत्म कराया जाए इसे लेकर भाजपा मुख्यालय में गुरुवार दोपहर बैठक हुई। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, पार्टी के सभी महासचिव और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
बैठक में शाह और नड्डा ने किसान विधयेक को लेकर देशभर में हुई प्रेस कांफ्रेंस, जनसपंर्क और चौपाल के बारे में फीडबैक लिया। एक वरिष्ठ महासचिव ने अमर उजाला से नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेद्र सिंह तोमर और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की पहले एक से डेढ़ घंटे अलग से चर्चा हुई। नड्डा इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए थे। इसके बाद पार्टी महासचिव और अन्य केंद्रीय मंत्री शाामिल हुए।
उन्होंने आगे बताया कि पार्टी ने तय किया है कि आने वाले दिनों में पार्टी के नेता किसानों के बीच जाएंगे। इसे लेकर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और कृषि मंत्री तोमर आने वाले दिनों में पार्टी के सभी सांसद मोदी सरकार के किसानों को लेकर किए काम और नए कृषि विधेयक के संदर्भ में विस्तार से समझाएंगे।
इसके बाद सभी सांसद अपने संसदीय क्षेत्र के बीजेपी विधायकों को नए कृषि विधेयकों के बारे में बातएंगे। सांसद और विधायक मिलकर केंद्र की कृषि नीतियों को ब्लॉक स्तर और जनता तक पहुंचाएंगे। इस दौरान वे शहर के किसान संगठन और बुद्धिजीवियों से भी चर्चा करेंगे।
बीजेपी की ये बैठक ऐसे दिन हुई है जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से किसानों के आंदोलन की वजह से आवागमन में हो रही दिक्कतों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसानों को अहिंसक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। कोर्ट ने इन विवादास्पद कृषि कानूनों के संबंध में कृषि विशेषज्ञों, किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों की एक निष्पक्ष तथा स्वतंत्र कमेटी बनाई। वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी 18 दिसंबर को दोपहर में मध्य प्रदेश में होने वाले किसान सम्मेलनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करेंगे।