दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ कहे जाने वाले गैंगस्टर इकबाल मिर्ची की बीवी और दो बेटों को मुंबई की एक विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को अपने सामने पेश होने का नोटिस जारी किया। अदालत ने उन्हें 16 फरवरी को पेश होने का हुक्म दिया है। यह आदेश ईडी की तरफ से मिर्ची के परिवार को साल 2018 में बनाए गए कानून के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई में दिया गया।
1993 के मुंबई धमाकों के साथ-साथ ड्रग तस्करी से हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने के आरोपी रहे मिर्ची की 2013 में 63 साल की उम्र में लंदन में मौत हो चुकी है। उसका परिवार भी इस समय लंदन में ही मौजूद बताया जाता है। इस महीने की शुरुआत में दाखिल अपनी याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिर्ची के बेटों जुनैद इकबाल मेमन और आसिफ इकबाल मेमन के साथ ही उसकी पत्नी हजरा मेमन को भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून (एफईओ एक्ट) के तहत भगोड़ा घोषित करने की मांग की थी।
ईडी का दावा है कि मिर्ची के परिजन उसकी अवैध संपत्ति को वैध बनाने की साजिश में जुटे हैं। इस सिलसिले में ईडी मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत इकबाल मिर्ची की करीब 800 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुका है। ईडी ने तीनों के विदेश में होने और एजेंसी की तरफ से उन्हें जारी समन व अदालती वारंट स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया है।
ईडी की दलीलों को स्वीकार करते हुए विशेष अदालत ने मिर्ची के परिवार को 16 फरवरी को अपने सामने पेश होने का नोटिस जारी किया है। ईडी ने इकबाल मिर्ची और उसके परिवार की कुछ संपत्तियों को जब्त करने की भी इजाजत मांगी है। ईडी ने कहा, पहले चरण में 15 भारतीय संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है।
इनमें मुंबई स्थित सीजे हाउस के तीसरे और चौथे फ्लोर शामिल हैं, जिनकी बाजार भाव पर करीब 96 करोड़ रुपये कीमत बताई जा रही है। इसके अलावा छह बैंक खाते भी शामिल हैं, जिनमें करीब 1.9 करोड़ रुपये जमा हैं।
पिछले साल शुरू की गई थी जांच
ईडी ने पिछले साल मिर्ची और उसके परिवार व अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की तरफ से उन सभी के खिलाफ दर्ज की गई दर्जनों एफआईआर के आधार पर की गई थी। ईडी ने यह भी आरोप लगाया था कि मिर्ची ने मुंबई में बहुत सारी बेनामी संपत्ति जमा कर रखी है।