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दिल्ली पुलिस का दावा, दिशा रवि ने ग्रेटा थनबर्ग के साथ साझा किया था टूलकिट दस्तावेज

Sun, 14 Feb 2021 07:01 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली पुलिस ने ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में पहली गिरफ्तारी की
  • साइबर सेल ने 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता को बंगलूरू से पकड़ा 
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जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि - फोटो : Social Media
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विस्तार
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नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश में जारी किसाना आंदोलन को लेकर भारत विरोधी अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस सख्ती बरत रही है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने किसान आंदोलन से संबंधित स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता की टूलकिट के जरिये देश बदनाम करने की साजिश में शामिल 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को बंगलूरू से गिरफ्तार कर पांच दिन की हिरासत में लिया है। साइबर सेल ने टूलकिट मामले में शनिवार को यह पहली गिरफ्तारी की है।

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दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने रवि दिशा को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी। इसके बाद अदालत ने पांच दिन के लिए दिशा को पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी की पेशी के दौरान पुलिस ने अदालत में कहा कि दिशा समेत कई आरोपियों ने एक साजिश के तहत खलिस्तानी ग्रुप को दोबारा खड़ा करने और भारत सरकार को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश रची है। ये खलिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू प्रभावित हैं। पुलिस ने कहा कि इस मामले में शांतनु और निकिता को और गिरफ्तार किया जाना है। आरोप है कि दिशा रवि ने किसानों से जुड़ी टूलकिट को एडिट किया उसमें कुछ चीज़ें जोड़ी और उसके आगे भेजा था। पुलिस ने बताया कि दिशा रवि 'टूलकिट गूगल डॉक' की एडिटर है और दस्तावेजों को तैयार करने और उनका प्रसार करने की मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस ने बताया कि दिशा ने टूलकिट दस्तावेज बनाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किया था और लोगों से जुड़ी थी। 

पुलिस ने बताया कि इस प्रक्रिया में ये सभी लोग भारत के खिलाफ गलत जानकारियां फैलाने के लिए खालिस्तान समर्थक 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' से जुड़े। दिशा रवि ने ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट दस्तावेज साझा किए थे। 
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देश में 'फ्राइडे फॉर फ्यूचर' अभियान के फाउंडर सदस्यों में दिशा रवि भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने टूलकिट मामले में 4 फरवरी को देश के खिलाफ साजिश रखने, हिंसा के लिए भड़काने और नफरत फैलाने के मामले में पहला मामला दर्ज किया था। टूलकिट मामले में हुई यह पहली गिरफ्तारी है।



जानकारी के मुताबिक, जलवायु कार्यकर्ता दिशा ने माउंट कैर्मेल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन स्नातक की डिग्री हासिल की है। दिशा इस समय गुड माइल्क कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, उस वक्त वह घर से ही काम कर रही थीं। दिशा रवि के पिता मैसूरु में एक एथलेटिक्स कोच हैं, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं।

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ग्रेटा ने कहा, कोई धमकी उन्हें डिगा नहीं सकती

ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसके बाद ग्रेटा ने ट्वीट कर कहा कि कोई भी धमकी मुझे डिगा नहीं सकती। ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीट कर कहा, ''मैं अभी भी किसानों के साथ खड़ी हूं और उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का समर्थन करती हूं। नफरत, धमकी या मानवाधिकारों के उल्लंघन की किसी भी कोशिश से यह नहीं बदलेगा।''

क्या है मामला 
जलवायु कार्यकर्ता ने किसानों के समर्थन में एक ट्वीट किया था, जिसमें एक टूलकिट भी थी। इस टूलकिट में किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार को घेरने और भारत को बदनाम करने की साजिश रची गई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने टूलकिट वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर एक अन्य टूलकिट जारी किया। इसका खुलासा होने के बाद इसे लेकर बवाल मच गया।

 
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