किसान महापंचायत के बाद अब किसान संगठन देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में किसान संगठन के बड़े नेता हर राज्यों में एक बड़ी किसान रैली का आयोजन करेंगे। क्षेत्रीय किसान संगठन इन रैलियों की तैयारियों में लग गए हैं। इन रैलियों के लिए किसानों को एकत्र करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।
किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला को बताया कि महापंचायत के बाद ये फैसला लिया गया है कि सभी किसान नेता अब राज्यों में बड़ी रैली करने की तैयारी करेंगे। इन रैलियों की तैयारियों की जिम्मेदारी स्थानीय किसान संगठनों को दी गई है। कौन सा किसान नेता किस राज्य में बड़ी रैली में जाएगा, ये हम सभी किसान संगठन के नेता बैठक कर फैसला करेंगे। वहीं कई रैलियों में सभी किसान नेता भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में अभी रैलियां चल भी रही हैं। दूसरे राज्यों में भी हम फोकस कर रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में भुवनेश्वर और कोलकाता में रैलियां होने जा रही हैं। मार्च के पहले सप्ताह में ही दोनों जगह रैलियों का आयोजन होगा।
किसान आंदोलन के पूरे तीन माह होने पर 26 फरवरी को युवा किसान दिवस मनाया जाएगा। इस दिन सभी प्रदर्शन स्थल पर मंच युवा नेता संभालेंगे। इसके लिए बड़ी संख्या में युवा दिल्ली के बॉर्डर पर जुट रहे हैं। गुरु रविदास जयंती और शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर 27 फरवरी को 'मजदूर-किसान एकता दिवस' मनाएंगे।