कृषि सुधार कानूनों के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच किसानों और सरकार के बीच छठे दौर की वार्ता स्थगित हो गई है। ये बैठक कल यानी बुधवार को होनी थी। गृहमंत्री अमित शाह और किसान नेताओं के बीच बैठक बेनतीजा रहने के बाद ये बैठक स्थगित हो गई है।
अमित शाह के साथ हुई बैठक के बाद एआईकेएस नेता एवं माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सरकार कृषि कानून वापस लेने को तैयार नहीं है। हम बुधवार को सरकार के साथ होने वाली वार्ता में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर दोपहर 12 बजे किसान नेताओं की बैठक होगी।
ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि बुधवार हो सरकार और किसान संगठनों के बीच बैठक नहीं होगी। मंत्री (अमित शाह) ने कहा है कि बुधवार को किसान नेताओं को प्रस्ताव दिया जाएगा। बुधवार को किसान नेता सिंघु बॉर्डर पर इस प्रस्ताव को लेकर बैठक करेंगे।
कृषि सुधार कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों से छठे दौर की वार्ता से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गतिरोध समाप्त करने के प्रयासों के तहत किसान नेताओं के एक समूह से मुलाकात की। 13 किसान नेताओं को शाह के साथ इस बैठक के लिए बुलाया गया था। बैठक रात आठ बजे आरंभ हुई। किसान नेताओं में आठ पंजाब से थे जबकि पांच देश भर के अन्य किसान संगठनों से संबंधित थे।
बैठक में शामिल नेताओं में अखिल भारतीय किसान सभा के हन्नान मोल्लाह और भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत भी शामिल रहे। कुछ किसान नेताओं ने बताया कि उन्हें पहले इस बैठक के शाह के आवास पर होने की उम्मीद थी, लेकिन यह राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, पूसा में हुई।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। हालांकि बैठक को लेकर किसान संगठनों के बीच असंतोष के स्वर उभरने लगे। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने निर्धारित वार्ता से एक दिन पहले शाह के साथ बैठक को लेकर सवाल उठाया। प्रदर्शनरत किसान संगठनों में यह सबसे बड़ा संगठन है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि आधिकारिक वार्ता से पहले इस वार्ता की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में शामिल होने वाले नेता सबसे बड़े संगठन के विचार को जरूर ध्यान में रखेंगे। बता दें कि उगराहां को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था। उल्लेखनीय है कि सिंघु बार्डर पर हजारों की संख्या में किसान पिछले 12 दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस बैठक में 13 किसान नेताओं ने भाग लिया। किसान नेता रुलदू सिंह मानसा और भोग सिंह मानसा बैठक स्थल को लेकर दुविधा के चलते वापस सिंघु बॉर्डर लौट गए थे। बाद में उन्हें मनाया गया और वह बैठक में शामिल हुए। बैठक का स्थान पहले नॉर्थ ब्लॉक तय किया गया था। लेकिन, बाद में इसे बदल कर अमित शाह के आवास पर आयोजित करने का फैसला लिया गया था। वहीं, अंतिम समय में बैठक के स्थान को लेकर फिर बदलाव किया गया।