लोकसभा में इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने किसानों की माली हालत के मद्देनजर इनकी कर्ज सीमा बढ़ाने और कर्ज चुकाने का समय भी बढ़ाने की मांग की। शून्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण खेती घाटे का सौदा बन कर रह गई है। तमाम कोशिशों के बावजूद देश में कर्ज तले दबे किसानों की आत्महत्या की घटनाओं में कमी नहीं आ रही।
दुष्यंत ने कहा कि वाजपेयी सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को 7 फीसदी ब्याज दर पर अधिकतम तीन लाख रुपये का कर्ज देने की व्यवस्था की थी। उस समय तीन फीसदी ब्याज केंद्र सरकार चुकाती थी।
अब जबकि महंगाई बढ़ गई है तब कर्ज की सीमा को तीन लाख रुपय से बढ़ा कर आठ लाख रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा कर्ज चुकाने की अवधि को भी छह महीने से बढ़ा कर एक साल किया जाना चाहिए। क्योंकि किसानों को फसल तैयार करने और इसे बेचने में छह महीने से अधिक समय लगता है।