2- लोगों के स्वागत के लिए जलेबियां बना रहे किसान
- फोटो : Amar Ujala
आंदोलन की खबर जानने के लिए जारी है अपना चैनल
किसान नेताओं ने अपने ट्रैक्टर मार्च की जानकारी बाकी सभी साथियों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को जरिया बनाया हुआ है। वे फेसबुक लाइव के जरिए मार्च की पूरी जानकारी दूसरे साथियों तक पहुंचा रहे हैं। पंजाब के कुछ वेब चैनल इस परेड प्रैक्टिस की पूरी कवरेज दिखा रहे हैं। ट्रैक्टर की ट्रालियों में किसानों ने टीवी सेट्स लगा दिए हैं जहां से वे पूरे आंदोलन पर नजर रखे हुए हैं।
जलेबी खिलाकर कर रहे लोगों का स्वागत
किसान नेताओं ने कहा कि आजादी के कार्यक्रम में पूरी जनता को खुशी होती है। इस दिन परेड निकाली जाती है और लोगों का मुंह मीठा कराया जाता है। इसी क्रम में गुरुवार को यूपी गेट पर कई जगह पर जलेबियां बनाई जा रही थीं और हर आने-जाने वालों को किसान जलेबी खिलाकर स्वागत कर रहे थे। किसानों ने कहा कि आर्थिक आजादी के इस आंदोलन में वे सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं और चाहते हैं कि इस आंदोलन का ऐसा हल निकले जिससे किसी पक्ष को कोई तकलीफ न हो।
मीडिया में छप रही खबरों पर नजर
यूपी गेट पर एक स्थान पर टेंट के अंदर पुस्तकालय टाइप की सुविधा बना दी गई है जहां आने-जाने वाला हर किसान नेता लगभग हर समाचार पत्र पढ़ रहा है। उत्तराखंड के किसान नेता अजित कुमार ने कहा कि वे अखबारों में छपी खबरों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। इन किसान नेताओं की शिकायत है कि मुख्य धारा का मीडिया उनकी बात सही से नहीं उठा रहा है और खबरों को पेश करने के मामले में पक्षपात किया जा रहा है। मेरठ के किसान नेता रंजीत कुमार ने कहा कि मीडिया सरकार के भारी दबाव में है और वे चाहकर भी हमारी पूरी बातें सामने नहीं रख रहे हैं।
किसान नेता इसके पहले ही 13 जनवरी को लोहड़ी के दिन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने, 18 जनवरी को महिला किसानों के सम्मान में विशेष दिवस मनाने, 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस जयंती पर विशेष सम्मान कार्यक्रम आयोजित करने और 26 जनवरी को लालकिला तक ट्रैक्टर मार्च निकालने की रणनीति बना चुके हैं। अगले 15 दिनों तक राज्यों की राजधानियों में पहुचकर किसान राजभवनों पर भी प्रदर्शन करेंगे और राज्यपालों को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।