उन्होंने कहा, यह आशंका किसी कल्पना पर नहीं, बल्कि ठोस आधार पर बता रहे हैं कि घोषणाओं के बावजूद कांग्रेस-भाजपा की सरकारों ने किसानों की कर्जमाफी नहीं की। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार ने, पंजाब में कांग्रेस सरकार ने और कर्नाटक में कांग्रेस व जनता दल (सेकुलर) की सरकार ने अपनी घोषणा पर अब तक अमल नहीं किया है।
योगेंद्र यादव के मुताबिक, किसानों की ऋण मुक्ति जरूरी है, उचित है और संभव भी, लेकिन कर्जमाफी अपने आप में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं है। ऋण मुक्ति तभी उपयोगी हो पाएगी, जब बिना शर्त बैंक और साहूकार दोनों तरह के ऋण से किसान को मुक्ति मिले। ऋण मुक्ति के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि की समुचित व्यवस्था भी हो। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक किसान हितैषी होने के दावे खोखले ही साबित होंगे।