गुजरात के महिसागर जिले में 70 वर्षीय एक किसान ने एक सरकारी योजना के तहत आवंटित मकान के निर्माण के लिए धन जारी होने में देरी पर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने सोमवार को बताया कि महिसागर के वंदरवेड गांव के रहने वाले बलवंतसिंह चरण ने शनिवार शाम को बाकोर तालुका पंचायत के कार्यालय की दूसरी मंजिल में फांसी के फंदे से लटककर जान दे दी।
बाकोर तालुका थाने के उप-निरीक्षक एम बी वाच्छानी ने कहा कि दफ्तर में तीन-चार कर्मचारी थे, लेकिन जहां चरण ने फांसी लगाई, उस कमरे में कोई नहीं था। अधिकारी के अनुसार किसान ने यह कदम उठाने से पहले आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया और कहा कि उसका काम नहीं हो रहा, इसलिए वह अपनी जान देने जा रहा है। हालांकि उसने फोन पर काम के बारे में जानकारी नहीं दी।
अधिकारी ने कहा कि खुदकुशी का वास्तविक कारण क्या है यह पता लगाने के लिए हम जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आया कि किसान एक सरकारी आवासीय योजना के तहत जारी धन नहीं मिलने से निराश था। उसका आवदेन मंजूर हो चुका था। अन्य जानकारियों के लिए हम रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है और बाकोर तालुका पुलिस थाने में हादसे में मौत का एक मामला दर्ज किया गया है।