तेलंगाना में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाल ही में अस्तित्व में आए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति से उन्हें वापस लेने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और तेलंगाना कांग्रेस के मामलों के प्रभारी मनिकम टैगोर ने यहां राजभवन में राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन को ज्ञापन देने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार यहां एक सरकारी अतिथिगृह से राजभवन जाने का प्रयास करने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और यहां घोषमहल थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार इन लोगों ने राज्यपाल से मुलाकात का वक्त नहीं लिया था। पुलिस ने बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
हरियाणा के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कृषि संबंधी नए कानूनों के खिलाफ पार्टी के राज्य मुख्यालय के बाहर सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ये कानून 'आत्मनिर्भर' किसान को 'आश्रित' बना देंगे और उन्हें बड़े कॉरपोरेट घरानों की दया पर छोड़ देंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर विरोध किया, जिन पर लिखा था, ' अन्नदाता की सुनो पुकार, बंद करो अत्याचार।' साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित 'काले कानून' को वापस लेने की मांग की और इसे किसान विरोधी करार दिया।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा, किसानों को पता है कि केंद्र सरकार ने उनके हित में बिल पास किया है। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह कृषि सुधारों को लागू करेगी। चूंकि मोदी सरकार ने इसे पास कर दिया है इसलिए कांग्रेस ने अब यू-टर्न ले लिया है।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तथा संशोधन को लेकर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जयपुर में राज्यपाल कलराज मिश्र को सौंपा। कांग्रेस कमेटी की ओर से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजभवन में यह ज्ञापन मिश्र को सौंपा।
बता दें कि संसद में पारित कृषि संबंधी विधेयकों - कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020- का कांग्रेस विरोध कर रही है।
कृषि बिलों के विरोध में लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने हिरासत में लिया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरसिमरत कौर पर कहा, अध्यादेश को मंत्री परिषद में रखा गया होगा। तब उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया था। कोई भी उनपर भरोसा नहीं करेगा।
शिरोमणि अकाली दल की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कहा, 'मुझे अपने इस्तीफे से कुछ हासिल नहीं हुआ, मुझे केवल नुकसान हुआ है। लेकिन इसने किसानों के मुद्दों को केंद्र के मंच पर ला दिया। कृषि कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के कारण संसद सत्र में एक हफ्ते की कटौती की गई।'
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे। कृषि एक राज्य का विषय है लेकिन कृषि कानून हमें बिना पूछे पारित कर दिया गया है। यह पूरी तरह असंवैधानिक है।'
कर्नाटक में भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस और वामपंथी दलों ने हुबली में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
कृषि विधेयक को लेकर धरने पर बैठे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा, 'आईएसआई ऐसे लोगों की तलाश करता है जिन्हें वे आसानी से बंदूक और हथगोले दे सकते हैं। पिछले तीन सालों में, हमने 150 से अधिक आतंकवादियों को पकड़ा है। पंजाब में सब कुछ शांतिपूर्ण था। लेकिन जब आपकी रोटी और मक्खन छीन लिया जाता है, तो क्या आप उग्र नहीं होंगे? ऐसे लोग आईएसआई का निशाना बनते हैं। सरकार ने जो किया वह देश विरोधी है।'
बंगलूरू में कर्नाटक कांग्रेस ने पार्टी कार्यालय पर विरोध किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार, प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और सिद्धारमैया मौजूद रहे। कृषि कानूनों, भूमि सुधार अध्यादेशों, एपीएमसी और श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ कर्नाटक में आज एक दिन का बंद बुलाया गया है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, 'एपीएमसी और भूमि सुधार बिल में संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मैंने कुछ दिनों पहले ही विधान सौधा में किसान संघों के नेताओं से बात की थी। जब मैंने उन्हें कृषि विधेयक पर चर्चा करने के लिए बुलाया तो वे संशोधन पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने पहले ही विरोध करने का फैसला कर लिया है। एक किसान का बेटा होने के नाते मैं किसानों की तरफ हूं। ये संशोधन लंबी चर्चा के बाद लाया गया है। यह मेरी फसल है, मेरा अधिकार है। वे भारत में कहीं भी कृषि उपज बेच सकते हैं। हमने एपीएमसी के दरवाजे बंद नहीं किए हैं, आप इसे एपीएमसी में बेच सकते हैं या जहां भी आपको उचित मूल्य मिले। मैं किसानों से अनुरोध करता हूं, एक, छह महीने या एक साल तक इंतजार करें। आपको पता चल जाएगा कि यह आपकी मदद कैसे करेगा।'
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस पर निशाना साधकर कहा, 'कांग्रेस ने आज देश को 'शर्मसार' कर दिया। दिल्ली के इंडिया गेट पर ट्रैक्टर जलाना प्रचार के उद्देश्य से किया गया एक नाटक है।'
गुजरात के गांधीनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने बताया, 'देश में अंग्रेजों के शासन में जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी का राज था, वैसे ही इस कानून से आने वाले समय में कंपनी का राज आ जाएगा।'
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि कानून को किसानों के मौत का फरमान बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'नया कृषि कानून किसानों के लिए मौत का फरमान है। उनकी आवाज को संसद और संसद के बाहर दबाया जा रहा है। ये सबूत है कि देश में लोकतंत्र मर चुका है।'
कर्नाटक में एसडीपीआई, कर्नाटक राज्यसभा संघ, जद(एस), कर्नाटक रक्षा वेदिक और अन्य ने अशोक सर्कल शिवमोग्गा में सरकार के विरोध में मानव श्रृंखला बनाई। कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, कृषि उपज मंडी समिति में संशोधन और श्रम कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
द्रविड़ मुनेत्र कड़घम के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कांचीपुरम के कीझांबी गांव में कृषि कानून के प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पार्टी अध्यक्ष ने कहा, 'हमारा पड़ोसी राज्य, केरल विरोध कर रहा है और संसद में पारित कृषि कानून के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। हम अपनी राज्य सरकार से ऐसा ही करने के लिए कहते हैं अन्यथा विपक्षी दल इस पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।'
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के इस सप्ताह पंजाब में किसानों द्वारा किए जा रहे कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की संभावना है। एक कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल एक रैली को भी संबोधित कर सकते हैं। हालांकि, इसकी तिथि और स्थल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बाद वह हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों के साथ शामिल हो सकते हैं। लेकिन हमें यकीन नहीं है कि हरियाणा में भाजपा सरकार उन्हें राज्य में प्रवेश करने देगी।
कृषि कानून के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टम अमरिंदर सिंह शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर उनके जन्मस्थान में धरना दे रहे हैं। उनके साथ मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता भगत सिंह के गांव खटकर कलां में धरने पर बैठ गए हैं। इसके अलावा कांग्रेस महासचिव और पंजाब के प्रभारी हरीश रावत भी धरने में शामिल हो गए हैं। धरना शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने भगत सिंह की प्रतिमा को श्रद्धांजलि दी।
कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर (जदएस) के कार्यकर्ताओं ने शिवमोगा में एक बाइक रैली निकाली, उन्हें पुलिस ने लक्ष्मी थिएटर सर्कल पर रोक दिया। कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, कृषि उपज मंडी समिति में संशोधन और श्रम कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'आज कांग्रेस ने दिल्ली में अपना असली रंग दिखाया। किसानों के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। वे किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ गए हैं।'
कर्नाटक के राज्य रायथा संघ, हसीरू सेने और अन्य संगठनों ने बंगलूरू में सर पुत्तन्ना चेट्टी टाउन हॉल के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
पंजाब के पांच निवासियों को प्रदर्शन और इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर जलाने के संबंध में गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कृषि कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
कर्नाटक में किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के बावजूद यात्री बंगलूरू के मैजेस्टिक बस स्टेशन पहुंचे। कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, कृषि उपज मंडी समिति में संशोधन और श्रम कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
कर्नाटक में आज राज्यव्यापी बंद के बीच एक बस को रोकने के लिए हुबली में प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए। कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, कृषि उपज मंडी समिति में संशोधन और श्रम कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
कर्नाटक में आज किसानों ने फिर राज्य बंद बुलाया है। कृषि कानून के विरोध में राज्य के किसानों ने ये बंद बुलाया है, इस दौरान सोमवार सुबह शिवमोगा में ट्रैफिक सामान्य दिखा।
कृषि कानून को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इंडिया गेट के पास अज्ञात लोगों ने एक ट्रैक्टर में आग लगा दी। नई दिल्ली डीसीपी ने कहा, 'करीब 15- 20 लोग यहां इकट्ठा हुए और ट्रैक्टर में आग लगा दी। आग पर काबू पा लिया गया है और ट्रैक्टर को भी हटा दिया गया है। इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। मामले की जांच जारी है।'
कर्नाटक में किसान संगठन ने हुबली में दुकानदारों को फूल किए और उनसे आज के राज्यव्यापी बंद का समर्थन करने का अनुरोध किया। कृषि कानून, भूमि सुधार अध्यादेश, एपीएमसी और श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ किसानों के संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
पंजाब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में इंडिया गेट के पास कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने एक ट्रैक्टर में भी आग लगा दी।