11 तटीय जिलों के निचले और संवेदनशील इलाकों से करीब 11 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है। इन लोगों को 4,000 शिविरों में ठहराया गया है जिनमें से विशेष रूप से चक्रवात के लिए बनाए गए 880 केंद्र शामिल हैं।
तटीय जिलों में यातायात बंद
तटीय जिलों में रेल, सड़क और हवाई यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। गुरुवार मध्यरात्रि से बीजू पटनायक इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें 24 घंटे के लिए रोक दी गई हैं। कोलकाता एयरपोर्ट भी शुक्रवार रात से शनिवार शाम 6 बजे तक बंद रहेगा।
चक्रवात से ओडिशा के 14 जिले प्रभावित होंगे
चक्रवात दोपहर के आसपास पुरी पहुंचेगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल का रुख करेगा। इसका असर आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के उत्तर-पूर्व इलाकों में भी दिखेगा। चक्रवात से ओडिशा के 14 जिले प्रभावित होंगे। इसमें पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपारा, बालासोर, भदरक, गंजम, खुर्दा, जाजपुर, नयागढ़, कटक, गाजापटी, मयूरभंज, ढेंकानाल और कियोंझार शामिल हैं। इन जिलों के करीब 10 हजार गांव चक्रवात से प्रभावित होंगे।
अब तक 103 ट्रेन रद्द
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने अब तक 103 ट्रेनों को रद्द किया है। पर्यटकों को निकालने के लिए पुरी से हावड़ा और शालीमार के बीच तीन विशेष ट्रेने चलाई गईं। इसके अलावा भद्रक और विजयनगर के बीच ट्रेन सेवा दो दिन स्थगित रहेगी। बृहस्पतिवार आधी रात से भुवनेश्वर एयरपोर्ट से उड़ान सेवा अगले 24 घंटे के लिए निलंबित रहेगी।
ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की 15 मई तक छुट्टी रद्द कर दी गई हैं और जो लोग छुट्टी पर थे, उन्हें भी बुला लिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल के जहाज और एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ की टीमों को तैयार रखा गया है।