वर्तमान बांग्लादेश के बरिसाल में जन्मे गुहा का परिवार बाद में कोलकाता आकर बस गया था। उन्होंने शहर के एक स्कूल में पढ़ाई की थी और कलकत्ता विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी।
प्रसिद्ध इतिहासकार रणजीत गुहा का बुढ़ापे से संबंधित बीमारियों के कारण बीते शुक्रवार को ऑस्ट्रिया स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे 100 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह जानकारी शनिवार को दी। बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
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उनके परिवार में उनकी पत्नी मेचथिल्ड हैं। बनर्जी कहा, गुहा ने युवा इतिहासकारों को विभिन्न समाजों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने दुनिया भर में कई स्थानों पर अध्यापन किया, उनके कई शिष्य और प्रशंसक हैं।
23 मई, 1923 को वर्तमान बांग्लादेश के बरिसाल में जन्मे गुहा का परिवार बाद में कोलकाता आकर बस गया था। उन्होंने शहर के एक स्कूल में पढ़ाई की थी और कलकत्ता विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। वे 1988 में ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त हुए थे। 'औपनिवेशिक भारत में किसान विद्रोह के प्राथमिक पहलू' उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में से एक है।