बेटे का शव पाने के लिए एक परिवार पांच महीने तक भटकता रहा। जिले के अफसरों के साथ ही कैबिनेट मंत्री तक गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर परिवार अपना दर्द लेकर विदेश मंत्रालय में पहुंचा। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद दुबई से बेटे का शव शनिवार को उसके घर लाया जा सका। शव पहुंचने पर परिजनों में चीखपुकार मच गई।
मामला प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के लाटतारा गांव में रहने वाले सुखराम मौर्या के परिवार का है। शव मिलने के बाद जिगर के टुकड़े के अंतिम दर्शन की इच्छा तो पूरी हो गई लेकिन घरवालों को इस बात का भी मलाल है कि इस असहनीय ‘दर्द’ को पाने के लिए भी उन्हें महीनों इंतजार करना पड़ा। सुखराम का बेटा पंकज मौर्या एक कंपनी के माध्यम से नौकरी करने के लिए दुबई गया था।
परिवारवालों के मुताबिक वहां से फोन पर पंकज ने बताया कि नौकरी के नाम पर उससे धोखा हुआ। वहां उससे भेड़ चरवाने का काम लिया जा रहा। यहां तक कि खाना भी नहीं दिया जाता था। कुछ दिनों बाद उसका फोन आना भी बंद हो गया।