संतोष परिवार को सहारा देने वाले मजबूत स्तंभ थे।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
मथुरा में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रदर्शनकारियों से हुई झड़प में जान गंवाने वाले एसओ संतोष कुमार महराजगंज के देवकली गांव निवासी स्व. लाल बहादुर यादव के तीन पुत्रों में से दूसरे नंबर पर थे। घटना की सूचना जैसे ही गुरुवार शाम परिवार को मिली, सभी अवाक रह गए। गांव में मातम पसर गया। संतोष परिवार को सहारा देने वाले मजबूत स्तंभ थे।
स्व. संतोष के बड़े भाई अजय यादव गांव में ही खेती करते हैं। छोटा भाई राय साहब यादव इलाहाबाद में पढ़ाई करता है। संतोष की पत्नी मिथिलेश यादव प्रतापगढ़ के ढकवा की रहने वाली हैं। संतोष की एक बेटी और एक बेटा हैं। फरवरी में वह अपने गांव आए थे। उस समय वह पहली बार सभी रिश्तेदारों से भी जा-जाकर मिले थे।
गांव पर संतोष की माता अभिराजी देवी हैं। संतोष गांव में काफी मिलनसार थे। गांव में आने पर सभी से मिलते थे। शाम को आठ बजे घटना की सूचना मिलने पर गांव में कोहराम मच गया। गांव के कई लोग और भाई राय साहब, रिश्तेदार चंद्रप्रकाश यादव और ससुराल के कुछ लोग रात में ही मथुरा के लिए रवाना हो गए।