महाराष्ट्र के ठाणे में सड़क दुर्घटना में मरने वाले नगर निगम कर्मी के परिजनों को 39.3 लाख रुपये का मुआवाजा मिलेगा। मृतक के परिवार की अपील पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने बीमा कंपनी और टेम्पो चालक को दोषी मानते हुए मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया।
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2018 में हुई थी दुर्घटना
ठाणे नगर निगम के 38 वर्षीय सफाई कर्मचारी सुनील तुकाराम दलवी की 27 दिसंबर, 2018 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। एक तेज रफ्तार टेम्पो ने सुनील की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। सुनील के परिवार ने मुआवजे की मांग करते हुए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत दावा दायर किया था।
बीमा कंपनी की दलील
बीमा कंपनी ने दावा खारिज करने की दलील दी कि दुर्घटना के समय दलवी ने हेलमेट नहीं पहना था। टेम्पो चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था और वहान के लिए कोई उचित दस्तावेज नहीं थे।
लापारवाही और तेज गति से हुई दुर्घटना
न्यायाधिकरण ने पाया कि दुर्घटना के समय वाहन के पास वैध परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र था, लेकिन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। न्यायाधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना पूरी तरह से टेम्पो चालक की लापरवाही और तेज गति से गाड़ी चलाने के कारण हुई थी।
न्यायाधीकरण का निर्देश
न्ययाधीकरण ने बीमा कंपनी बजाज आलियांज जरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से और अलग-अलग 39.32 लाख रुपये, याचिका की तारीख से वसूली तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, अदा करने का आदेश दिया। साथ ही बीमा शर्तों के उल्लंघन के कारण दुर्घटना में शानिल टेप्पो मालिक से राशि वसूलने की स्वतंत्रता भी दी।