ललितपुर में गोली लगने से हुई एसडीएम हेमेंद्र कुमार की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया। ललितपुर से मुरादाबाद पहुंचे एसडीएम के बड़े भाई व अन्य परिजनों ने आत्महत्या की बात से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हेमेंद्र का बेटा जन्म से बीमार है। तबादला इतनी बड़ी वजह नहीं थी कि वह आत्महत्या कर लेंगे। उनकी हत्या की गई है। उन्होंने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ललितपुर की मंडावरा तहसील के सरकारी आवास में रविवार दोपहर एसडीएम हेमेंद्र कुमार कांडपाल का गोली लगा शव मिला था। शव के ऊपर होमगार्ड की रायफल पड़ी मिली थी। ललितपुर के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद बताया था कि हेमेंद्र कांडपाल ने सुरक्षा कर्मी की रायफल से गोली मारकर आत्महत्या की है। हेमेंद्र के भाई देवेंद्र व अजय कांडपाल ने कहा कि आत्महत्या की कहानी से उनके समझ में नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि हेमेंद्र आत्महत्या नहीं कर सकते। उन्हें मारा गया गया है। इस मामले की गहराई से जांच की जाए। जो भी दोषी हो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हेमेंद्र का बेटा जन्म से बीमार है। उसका इलाज चल रहा है। बेटी दिल्ली में पढ़ाई कर रही है। घर में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी। वह नजदीकी जनपद में तबादला कराना जरूर चाहते थे, लेकिन ट्रांसफर न होना इतनी बड़ी वजह नहीं थी कि वह अपनी जान दे देंगे। उन्होंने बताया कि मौके से न तो कोई सुसाइड नोट मिला है, न ही उन्होंने कभी फोन पर अपनी पत्नी व बच्चों और भाइयों से ऐसी कोई बात की थी। जिससे लगे कि वह इतने परेशान हैं। हेमेंद्र के भाई व पत्नी पिंकी ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई व अन्य एजेंसी से कराई जाए। ताकि सच सामने आ सके।