उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तीसरी क्लास की छात्रा का नकली आधार कार्ड बनाकर शादी करवाने का मामला सामने आया है। नकली कार्ड में उसकी उम्र 18 साल लिखी हुई है। जबकि वास्तव में उसकी उम्र मात्र 11 साल है। शुक्रवार सुबह परदा-पारदाई एजुकेशनल सोसाइटी के अधिकारियों ने पुलिस को इस शादी की सूचना दी, जिसके बाद इसे रुकवाने में कामयाबी मिली।
परदा-पारदाई एजुकेशनल सोसाइटी (पीपीईएस) की अधिकारी रेणुका ने बताया कि हमें इसकी शादी की जानकारी 5 सितंबर को उस वक्त लगी, जब छात्रा ने अपनी शादी के बारे में क्लास टीचर को बताया था।
रेणुका ने बताया कि यह बहादुरी की बात है कि छात्रा ने हमें अपनी शादी की जानकारी दी। हमने इस मसले पर छात्रा की मां से बात की लेकिन वो इस बात की गंभीरता को समझने में नाकाम रही। यहां तक कि छात्रा के परिवार वालों ने उसका एक जाली आधार कार्ड बना रखा था, जिसमें उसकी उम्र 17 साल 9 महीने है, जबकि उसकी उम्र 11 साल है और वो हमारे स्कूल की तीसरी क्लास में पढ़ती है।
पीपीइएस के अधिकारी जब छात्रा के परिवार वालों को समझाने में नाकाम रहे तो उन्होंने चाइल्ड लाइन से संपर्क किया। जिसके बाद शुक्रवार सुबह पुलिस छात्रा के घर पहुंची और इस शादी को रुकवा दी। पुलिस ने छात्रा को सुरक्षात्मक हिरासत में ले लिया।
इस शादी को रुकवाने की वजह से अब पीपीइएस के अधिकारियों को अब जान से मारने की धमकियां मिल रही है। बताया जा रहा हैं कि "परिवार खर्चों को बचाने के लिए अपनी दो बेटियों की शादी एक समारोह में करवा रहा था। लड़की के पिता मजदूर हैं और उसका परिवार बीपीएल श्रेणी में है।