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वोटिंग के दौरान खट्टर-हुड्डा को लेकर सोशल मीडिया पर चला ऐसा अभियान, वोटर भी हुए हैरान!

Mon, 21 Oct 2019 08:53 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, रोहतक से, अमर उजाला
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लाइन में खड़े मतदाता - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में जैसे ही मतदान शुरू हुआ, सोशल मीडिया पर भी हलचल बढ़ गई। सुबह करीब नौ बजे होंगे, लोगों के मोबाइल फोन पर टिक-टिक होने लगी। यानी व्हाट्सएप पर मैसेज की बाढ़ सी आ गई। जो मैसेज आ रहे थे, वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पूर्व सीएम भूपेन्द्र हुड्डा को लेकर थे। थोड़ी देर में इन संदेशों की रफ्तार बढ़ गई। किसी मैसेज में लिखा था कि हरियाणा के दर्जनभर संगठनों ने खट्टर के विरोध में मतदान करने की अपील की है। तो दूसरी ओर, यह अफवाह भी सोशल मीडिया का हिस्सा बन गई कि भूपेन्द्र हुड्डा के घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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मैसेज में यह भी लिखा था कि कथित तौर पर किसी खुफिया एजेंसी ने सरकार को रिपोर्ट दी है। इसमें कांग्रेस पार्टी का पलड़ा भारी होने की बात कही गई। हुड्डा सीएम बन सकते हैं, इसलिए उनके आवास पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गए हैं। खास बात है कि ये संदेश एक विशेष जाति के लोगों की तरफ से आगे बढ़ाए जा रहे थे।

दोपहर तक ये संदेश बढ़ते चले गए...

बता दें कि ये अफवाहों वाले मैसेज लगातार बढ़ते जा रहे थे। यहां तक कि कई लोगों ने एक दूसरे को फोन कर ये मैसेज देखने का आग्रह किया। भाजपा खेमे की ओर से अपने समर्थकों को कहा गया, चिंता न करें, खट्टर ही सीएम हैं और रहेंगे। आप केवल अधिक से अधिक वोटरों को मतदान करने के लिए प्रेरित करें। इसके विपरीत जो मैसेज चले, उनमें हुड्डा की कोठी पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाने की बात थी। यह संदेश भी जमकर वायरल हुआ।

प्रभावित हो सकते हैं नतीजे

शोधार्थी रविंद्र कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया के युग में ऐसा होता है। मान लीजिए, सुबह दस बजे तक लाखों लोगों के पास व्हाट्सएप के जरिए हुड्डा की कोठी वाला मैसेज चला जाता है। इनमें से यदि दस फीसदी मतदाता उसे सच मानकर अपना वोट उसके पक्ष में डालते हैं, तो नतीजे प्रभावित हो सकते हैं। इस तरह के मैसेज उस वक्त काफी अहम हो जाते हैं, जब मुकाबला कांटे का हो। बतौर रविंद्र कुमार, जब ऐसे मैसेजेज की सच्चाई पता करते हैं तो वहां धरातल पर कुछ नहीं होता। हुड्डा की कोठी वाला मैसेज भी झूठा निकला। कहीं कोई अतिरिक्त सुरक्षा नहीं दिखी।

खट्टर के बहिष्कार का मैसेज

इसी तरह एक मैसेज जो बहुत अधिक वायरल हुआ, वह हरियाणा के कर्मचारी संगठनों को लेकर था। इनमें कहा गया कि हरियाणा पुलिस संगठन ने खट्टर का बहिष्कार कर दिया है। कंप्यूटर अध्यापकों, आंगनवाड़ी वर्कर, क्लर्क का पेपर देने गये 15 लाख युवा, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ, किसान यूनियन, ट्रांसपोर्ट (ट्रक ) यूनियन और रोड़वेज कर्मचारी एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री खट्टर का बहिष्कार कर दिया है। बाबा साहेब का मंदिर गिराने के विरोध में दलित समुदाय ने भी भाजपा को सबक सिखाने की बात कही है। इनकी जब सच्चाई पता की गई तो ऐसा कुछ नहीं था। ये मैसेज मतदान पूरा होने तक चलते रहे। रोहतक, सोनीपत, झज्जर, पानीपत, भिवानी, जींद और कैथल सहित कई जिलों में लोगों को ऐसे संदेश भेजे गए।

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