हाईकोर्ट के दो जजों के पास भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की आवाज में फर्जी कॉल किए जाने का मामला सामने आया है। फोन कॉल में जजों से कहा गया कि वे कुछ वकीलों को जज के पद पर नियुक्त करें। सीजेआई ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। सीजेआई ने सभी हाईकोर्ट जजों को एडवाइजरी जारी की है कि उनके नाम से आने वाले फोन कॉल पर ध्यान न दें।
यह फर्जी फोन कॉल तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृष्णन और कर्नाटक हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी को किए गए।
सीजेआई के दफ्तर को इन फर्जी फोन कॉल की जानकारी न्यायाधीश राधाकृष्णन के साथ रूटीन बातचीत में मिली थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने तिलक नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
ऐसी की गई फर्जी कॉल
खबरों के मुताबिक पिछले हफ्ते फोन करने वाले ने खुद को सीजेआई का निजी सचिव एचके जुनेजा बताकर कुछ वकीलों की सिफारिश की थी।
उस व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी को कॉल कर कहा कि वह जस्टिस गोगोई की तरफ से बोल रहा है और जस्टिस गोगोई चाहते हैं कि कर्नाटक उच्च न्यायालय में कुछ वकीलों के नाम जज के पद पर नियुक्त करने के लिए सुझाए जाएं।
दो दिन बाद उसने फिर से जस्टिस स्वामी को फोन किया और कहा कि जस्टिस गोगोई उनसे खुद बात करना चाहते हैं। इसके बाद उस शख्स ने या किसी अन्य व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश गोगोई की आवाज की नकल करते हुए जस्टिस स्वामी से बात किया और कुछ वकीलों को जज के पद पर नियुक्त करने की बात दोहराई।
मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृष्णन को भी इसी तरह से कॉल किया गया।