'स्पेशल 26' के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे पहले सीबीआई, आईबी और विभिन्न राज्यों की पुलिस के फर्जी अधिकारी बन कर लोगों को चूना लगाने के मामले सामने आ चुके हैं। अब ताजा मामला प्रवर्तन निदेशालय का आया है। दिल्ली के पांच लोगों ने 'स्पेशल 26' बन कर बैंकों और उद्योगपतियों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए। यह खेल केवल दिल्ली के उद्योगपतियों के साथ ही नहीं खेला गया, बल्कि हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात जैसे राज्य भी इनके फर्जीवाड़े से नहीं बच सके।
24 से 35 साल वाले दिल्ली के इस 'स्पेशल 26' गैंग ने बैंकों को भी नहीं बख्शा। लेटर पर प्रवर्तन निदेशालय की मुहर मारकर बैंकों को भी विभिन्न जगहों से रिक्वरी का आदेश दे डाला। अब ये सभी पकड़े गए हैं और दिल्ली पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर पछताछ कर रही है। अदालत ने गुरुवार को पांचों लोगों को तीन दिन की रिमांड पर भेजा था।
ईडी के मुताबिक ये पांचों लोग उगाही और धोखाधड़ी के अनेक मामलों में शामिल हैं। सभी आरोपी खुद को ईडी का अफसर बताकर उद्योगपतियों और व्यापारियों से उगाही करते थे। ईडी के नाम से ये फर्जी लेटर भी जारी करते थे। 'स्पेशल 26' के लोग बैंकों को निर्देश देते थे कि फलां लोगों के खाते सील कर दिए जाएं।
इसके बाद वे उद्योगपतियों और व्यापारियों को ईडी दफ्तर में पेश होने के लिए कहते थे। इतना ही नहीं, 'स्पेशल 26' के लोग मामला रफादफा कराने का विकल्प भी देते थे। वे मोटी रकम लेकर उद्योगपति से कहते थे कि अब मामला खत्म हो जाएगा।
कई बैंकों को 'स्पेशल 26' के लेटर पर संदेह हुआ। बैंक अधिकारियों ने ईडी अफसरों से पूछा तो वे हैरान रह गए। ईडी ने कहा, हमनें कोई लेटर नहीं भेजा है। साथ ही बैंक अधिकारियों को यह हिदायत दी गई कि वे ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।
कर्नाटक पुलिस के डीजी और दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी शिकायत दी गई। महाराष्ट्र के एक व्यक्ति की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता को 'स्पेशल 26' ने कहा था कि उसका मामला ईडी में है। वे मामला खत्म करा सकते हैं, बशर्ते इसके लिए एक बड़ी राशि देनी होगी।
ईडी ने सभी राज्यों की पुलिस से ऐसी 'स्पेशल 26' के लोगों को पकड़ने के लिए सहयोग मांगा है। जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसे लोग उद्योगपतियों और व्यापारियों को अपना निशाना बनाते हैं।