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West Bengal: हिंसा का कौन सा सच छिपाना चाहती हैं ममता? पुलिस के रोकने पर फूटा फैक्ट फाइंडिंग टीम का गुस्सा

Sat, 08 Apr 2023 06:09 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टीम की सदस्य चारू वली खन्ना ने कहा कि पुलिस ने हमें रिशरा जाने से रोक दिया। वह हमारे सामने दीवार की तरह खड़े हो गए। ऐसा क्यों। क्या सरकार कुछ छिपाना चाहती है। क्या राज्य सरकार कानून व्यवस्था को संभालने में नाकाम रही। खन्ना ने कहा कि हम यहां भीड़ बनकर नहीं थे, कि हमें रोकना पड़े।
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फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य चारू वली खन्ना - फोटो : ANI
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विस्तार
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हावड़ा-हुगली हिंसा विवाद के बाद जांच करने पहुंची फैक्ट फाइंडिंग टीम को बंगाल पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद फैक्ट फाइंडिंग टीम और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हो गई।

यह है पूरा मामला

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फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य चारू वली खन्ना ने कहा कि पुलिस ने हमें रिशरा जाने से रोक दिया। वह हमारे सामने दीवार की तरह खड़े हो गए। ऐसा क्यों। क्या सरकार कुछ छिपाना चाहती है। क्या राज्य सरकार कानून व्यवस्था को संभालने में नाकाम रही। खन्ना ने कहा कि हम यहां भीड़ बनकर नहीं थे, कि हमें रोकना पड़े। हम हिंसा के पीड़ितों से बात करने आए थे। उनका दर्द जानने आए थे। लेकिन पुलिस ने हमें रिशरा में ही रोक दिया गया। शहर में घुसने ही नहीं दिया।

पढ़िए रामनवमी को आखिर हुआ क्या था
राम नवमी के अवसर पर शोभा यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हिंसा भड़क गई थी। जिसमें दो समुदाय आमने सामने आ गए थे और जमकर पत्थरबाजी और आगजनी हुई थी। अब आज फिर हावड़ा में हिंसा की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई और हावड़ा के शिवपुर में पथराव हुआ। इससे पहले गुरुवार को भड़की हिंसा में दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। जिसके बाद जमकर पथराव हुआ और कई वाहनों में आग लगा दी गई।

भाजपा पश्चिम बंगाल प्रमुख ने भी लगाए आरोप

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हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। उन्होंने आरोप लगाया गया था कि पुलिस हिंदुओं को परेशान और गिरफ्तार कर रही है, जबकि वास्तविक अपराधियों पर आंख मूंदकर रखी है। पश्चिम बंगाल के हावड़ा के शिवपुर में और हुगली जिले के रिसड़ा में रामनवमी के दिन और उसके बाद लगातार हिंसक घटनाएं हो रही हैं।

मजूमदार ने ममता बनर्जी पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली ममता ही हैं। पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर रही, लेकिन हथियार लेकर चलने वालों को पकड़ लिया। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या इन लोगों का कोई वीडियो है, जिसमें ये हमला कर रहे थे। इसका कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन हमारे पास रामनवमी के दौरान हिंसा के वीडियो हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

सांसद चटर्जी को भी पुलिस ने रोका
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी को भी बंगाल पुलिस ने कुछ दिनों पहले रोका था। चटर्जी हुगली जिले के बांसबेरिया जा रही थीं। इसी दौरान पुलिस ने उनके काफिले को रोककर उनसे लौटने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना था कि उनके वहां जाने से अशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। चटर्जी ने कहा कि मैं यहीं की सांसद हूं, बावजूद इसके पुलिस ने मुझे मेरे ही क्षेत्र में जाने से रोक दिया था। चटर्जी ने सवाल करते हुए पूछा कि निर्वाचित प्रतिनिधि को निर्वाचन क्षेत्र में जाने से क्यों रोका जा रहा है?

राज्यपाल से की शिकायत
चटर्जी ने कहा कि मैंने घटना के बारे में राज्यपाल को सूचित किया है, वह इसपर गौर करेंगे। सांसद और भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोके जाने के बाद इलाके में प्रदर्शन शुरू कर दिया ता। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें बाहरी कहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चटर्जी से कहा था कि अभी स्थिति सही नहीं है, स्थिति सामान्य होने के बाद किसी दूसरे दिन वापस आने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाए आरोप
हावड़ा बवाल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हमने किसी शोभा यात्रा पर रोक नहीं लगाई। राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हावड़ा हिंसा मामले में अभी तक 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने हिंसा भड़काई वह लोग हिंदू नहीं थे, उन्हें बाहर से लाया गया था। भाजपा, बंगाल को अशांत करना चाहती है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हिंसा में शामिल नहीं हैं क्योंकि वह रमजान में व्यस्त हैं। 

रमजान में मुसलमान गलत काम नहीं करते
ममता बनर्जी ने कहा था कि रमजान का महीना चल रहा है और इस महीने मुसलमान कोई गलत काम नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी आखें, कान खुले हैं। मैं सब कुछ सूंघ सकती हूं। मुस्लिम क्षेत्रों से जुलूस निकालते समय ही मैंने उन्हें आगाह कर दिया था कि रामनवमी  की रैली करेंगे तो हिंसा हो सकती है। उन्होंने किससे पूछकर शोभा यात्रा का रूट बदला? जिससे एक समुदाय को निशाना बनाया जा सके। 
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